‌‌‌मुहावरे का अर्थ ,मतलब और वाक्य मे प्रयोग idioms meaning in hindi

यहां पर मोहम्मद जावेद खान (मैं स्वयं) हिंदी व्याख्याता या अध्यापक के द्वारा बताई गई जानकारी दी गई है।

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‌‌‌हिंदी के प्रसिद्ध मुहावरे लिस्ट

‌‌‌हिंदी के महत्वपूर्ण मुहावरे

  • अंगारे उगलना मुहावरे का चित्र

    अंगारे उगलना

    अंगारे उगलना मुहावरे का अर्थ Angare ugalna muhavare ka arth – जली कटी सुनाना ।

    दोस्तो अगर कोई बच्चा किसी के घर की खिडकी का काच तोड देता है तो उस घर का मालिक उन बच्चो को कडवी बाते कहने लग जाता है । इस तरह से कडवी बाते कहने को ही जली कटी सुनाना कहा जाता है । इस तरह से जब कोई व्यक्ति किसी भी कारण से किसी को जली कटी सुनाने लग जाता है तब कहा जाता है की यह तो अपने मुह से अगारे उगल रहा है । इस तरह से इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है ।

    अंगारे उगलना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • कंचन तो पूरी गाय है पर इसकी मां जब देखो अंगारे ही उगलती रहती है इस कारण से कोई कह नही सकता की ये दोनो मां बेटी है ।
    • पुनम के घर का काच टुट जाने के कारण वह बच्चो पर अंगारे उगलने लगी ।
    • मैंने तुम्हारा क्या बुरा कर दिया जो अंगारे उगल रही हो ।
    • महेश तो बहुत ही सीधा सादा है तभी तुम इसके सामने अंगारे उगल रहे हो ।
    • तुम क्या आसमान से पडे थे जो हर दम अंगारे उगलने से पीछा नही छोडते ।
  • अंगूर खट्टे होना मुहावरे का चित्र

    अंगूर खट्टे होना

    अंगूर खट्टे होना मुहावरे का अर्थ angoor khatte hona muhavare ka arth – जब कोई वस्तु न मिले तो उस वस्तु को ही खराब बताना ।

    दोस्तो आज के समय मे नोकरी की तैयारी करने वाले लोगो की सख्या मे कोई कमी नही है । और इस तरह के बिच मे जब किसी व्यक्ति को नोकरी नही मिलती तो वह बाहने बना कर उस नोकरी को ही गलत बताने लग जाता है और कहता है की मैं वह नोकरी करना ही नही चाहता वरना कब मैं उस नोकरी मे लग जाता । इस तरह से जब उस व्यक्ति को वह नोकरी नही मिले तो वह उस नोकरी को ही खराब कहने लग जाता है । इस तरह से किसी भी कार्य मे करने को ही अंगूर खट्टे होना कहा जाता है ।

    अंगूर खट्टे होना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • जब तिन बार भी दसवी पास नही हुई तो राजेश कहने लगा की जीवन मे दसवी कक्षा पास करना ही सब कुछ नही होता तब उसके दोस्त उससे कहने लगे तुम तो अंगूर खट्टे होने वाली बात कर रहे हो ।
    • तुमसे एक वक्त का खाना लाया नही जाता और अंगूर खट्टे होने की बात कर रहे हो ।
    • जब महेश का नोकरी मे नम्बर नही आया तो महेश कहने लगा की जीवन मे नोकरी ही सब कुछ नही होती । इसे कहते है अंगूर खट्टे होना ।
    • इतनी बार प्रयास करने के बाद तुम कह रहे हो की इस काम मे कोई फायदा नही है यह तो अंगूर खट्टे होने वाली बात हो गई ।
    • जब नोकरी नही मिली तो तुमने अंगूर खट्टे होने वाली बात कर दी ।
  • अंधे के हाथ बटेर लगना मुहावरे का चित्र

    अंधे के हाथ बटेर लगना

    अंधे के हाथ बटेर लगना मुहावरे का अर्थ andhe ke hath bater lagna muhavare ka arth – अयोग्य व्यक्ति को अच्छी वस्तु का मिलना ।

    दोस्तो जिस तरह से अंधे आदमी को जब बटेर मिल जाती है तो उसे समझ मे नही आता की मै इसका क्या करु । साथ ही वह अगर उसे अपने पास रख भी लेता है तो उसका कुछ भी फायदा नही होगा । और देखने वाले भी उससे यह कहेगे की तुम्हे दिखाई तो वैसे भी नही देता है फिर भी तुम अपने हाथ मे बटेर लिए फिर रहे हो । उसी तरह से अगर किसी मुर्ख व्यक्ति के पास कोई गुणवान वस्तु आ जाती है तो वह भी उसे ऐसी ही समझेगा । इसी कारण से इस मुहावरे का प्रयोग उन लोगो के लिए जो गुणवान वस्तु का महत्व नही जानते हो ।

    अंधे के हाथ बटेर लगना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • महेश को लोगो ने बढा चढा कर सरपंच बना दिया पर वह तो उस पद के योग्य था ही नही इसे ही कहते है अंधे के हाथ बटेर लगना ।
    • अपने पिता की कंपनी होने के कारण राम उस कंपनी का मनेजर बन गया पर उसे काम कुछ भी नही आता है यह तो वही बात हो गई अंधे के हाथ बटेर लगना ।
    • अगर अंधे के हाथ बटेर लगेगा तो वह उसकी किमत नही समझेगा ।
    • तुम्हारे कहने पर इसे मै नोकरी दे रहा हूं वरना इससे तो कोई काम होता नही है इसे तो अंधे के हाथ बटेर लगना कहते है ।
    • अगर इस तरह से नोकरी मिलती है तो उसे अंधे के हाथ बटेर लगना कहते है ।
  • अपना उल्लू सीधा करना मुहावरे का चित्र

    अपना उल्लू सीधा करना

    अपना उल्लू सीधा करना मुहावरे का अर्थapana ulloo seedha karana muhaavare ka arth – मतलब निकालना ।

    साथियो आज का समय ऐसा है कि हर कोई अपना उल्लू सीधा करने मे लगा हुआ है । वह बस अपने बारे मे सोचता है वह यह नही जानना चहता की जब इसको सच्चाई का पता चलगा तो क्या होगा । वह तो अपना उल्लू सीध करने मे लगा रहता है ।

    ऐसे लोग आपको हर जगह पर मिल जाएगे । आपके पास ऐसे दोस्त भी हो सकते है जो अपना काम निकालने के लिए आपका स्तेमाल करते है । ऐसे लोग बस आपना उल्लू सीधा करते रहते है ।

    अपना उल्लू सीधा करना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग

    • आज हर कोई अपना काम कराने के लिए अपने मित्र को भी धोका दे देते है ।
    • रमेश को अच्छा व बुरे से क्या लेना देना वह तो बस अपना उल्लू सीधा करता है ।
    • वोट मागने के लिए नेता लोग बहुत बडिया भाषण देकर अपना उल्लू सीधा कर लेते है ।
    • अपने दोस्त से पेसा लेकर कुंदन ने तो अपना उल्लू सीधा कर लिया ।
  • अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना मुहावरे का चित्र

    अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना

    अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना मुहावरे का अर्थ apane munh miyaan mitthoo banana muhaavare ka arth – अपनी बड़ाई स्वयं करना।

    दोस्तो अगर कोई व्यक्ति अपने मुह से अपनी तारीफ कर रहा हो तो उसे ऐसे कहा जाएगा की यह तो अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनाने मे लगा है । आज के समय मे लोग अपने मुह से अपनी तारीफ करने मे पिछे नही हटते है । वे अपनी तारीफ बडा चडा कर कनते है ।

    ऐसे लोग इस संसार मे बहुत है । वे तारीफ करते ही रहते है चाहे वह सच हो या ना हो । उन्हे अपन बडाई करना बहुत अच्छा लगता है । वे कहते है की मै तो ऐसा हूं मै वेसा हूं । मेरे जैसा इस संसार मे कोई नही है।

    अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग

    • रमेश से पूछ लिया की तुम क्या करते हो तो वह तो अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनने लगा ।
    • रजनी से उसकी मा ने कहा की अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनने वाले लोगो की कोई इज्जत नही करते है।
    • रानी से पुछा की तुम इतना अच्छा खाना केसे बना लेती हो तो रानी अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनने लगी थी ।
    • राधा को अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना अच्छा लगता है ।
  • अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत मुहावरे का चित्र

    अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत

    अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत मुहावरे का अर्थ ab pachtaye hot kya jab chidiya chug gayi khet muhavare ka arth – समय बित जाने पर पछताना बेकार (व्यर्थ) है ।

    दोस्तो जब खेत मे बिज बोते है तो चिडिया अपना पेट भरने के लिए उन बिज को खाने लगती है । तब अपने खेत मे फसल को बचाने के लिए उन चिडियों को वहां से उडान पडता है । परन्तु उस समय अगर कोई व्यक्ति चिडिया नही उडाता है तो उसकी फसल अच्छी नही बनती ।

    तब जाकर वह व्यक्ति उस समय चिडिया न उडाने पर पछताता है और सोचता है की मैंने अगर उस समय अपने खेत से चिडिया उडा दी होती तो आज मेरे खेत मे फसल अच्छी होती । मगर अब पछताने से थोडे फसल अच्छी हो जाएगी । अब पछताना तो व्यर्थ ही हुआ । इसी तरह से जब कोई व्यक्ति किसी कारण से समय बित जाने के बाद पछताता है तब इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है ।

    अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत मुहावरे का वाक्य में प्रयोग ab pachtaye hot kya jab chidiya chug gayi khet muhavare ka vaaky me prayog

    • साथियो के चक्कर मे पढाई कुछ की नही और जब राम पेपर देने के लिए गया तो पछताने लगा सच है अब पछताए होत क्या जब चिडिया चुग गई खेत ।
    • एक गलती से रामू का सारा धन चोरी हो गया और जब रामू को इस बारे मे पता चला तो वह बैठ कर रोने लगा तब मैंने कहा भाई अब पछातए होत क्या जब चिडिया चुग गई खेत ।
    • धनसेठ ने जिस कंपनी पर अपने रूपय लगाए थे वह कंपनी डूब गई तो धनसेठ उदास होकर अपने किए पर पछताने गला तब उसके भाई ने उसे समझाया की अब पछताए होत क्या जब चिडिया चुग गई खेत ।
    • किसन की मदद करने के लिए हरीदेव ने बिना सोचे समझ रूपय उधार दे दिए परन्तु जब हरीदेव के पैसे वापस नही मिले तो हरीदेव अपने किए पर पछताने लगा परन्तु अब पछताए होत क्या जब चिडिया चुग गई खेत ।
    • अगर तुमने पहले ही ध्यान रखा होता तो तुम्हे कोरोना कभी नही होता अब पछताए होत क्या जब चिडिया चुग गई खेत ।
  • अरमान निकालना मुहावरे का चित्र

    अरमान निकालना

    अरमान निकालना मुहावरे का अर्थ armaan nikala muhavare ka arth – मन की इच्छा पूरी करना या लालसा पुरी होना ।

    दोस्तो अरमान का अर्थ इंच्छा या लालसा से होता है और निकालने का अर्थ बहार निकालने से होता है । क्योकी जो इंच्छा होती है वह मन मे होती है और कहा भी जाता है की अपने मन की इंच्छा दबानी नही चाहिए उसे बाहर निकाल देनी चाहिए ताकी मन शांत हो जाए । क्योकी निकालने को पूरा करना भी कह सकते है इसी कारण से इंच्छा पूरी करने को ही अरमान निकलना कहा जाता है ।

    अरमान निकालना मुहावरे का वाक्य में प्रयोग vakya mein prayog

    • तुमने उसके घर डाका डाल कर अरामन निकाल ही लिया ।
  • आ बैल मुझे मार मुहावरे का चित्र

    आ बैल मुझे मार

    आ बैल मुझे मार मुहावरे का अर्थ aa bail mujhe maar muhavare ka arth – विपत्ति को निमंत्रण देकर बुलाना ।

    दोस्तो इस संसार मे हर कोई अपने जिवन से दुख को दूर करना चाहता है और दुख को दूर कर कर अपना जिवन सुखमय बनाता है । इसी बिच कुछ लोग अपने जिवन मे कभी कुछ ऐसा कर देते है जिनके कारण उन पर समस्या आ जाती है । वे उस समय समस्या को अपने पास बुलाने वाला काम कर देते है । कहने का अर्थ है की कुछ लोग ऐसा कार्य कर देते है जिससे उन पर ही समस्या आती है ।

    जैसे मान लो एक व्यक्ति ने किसी आदमी को अपने घर बुला लिया और फिर उसी आदमी ने उसे लूट लिया । तो इस तरह वे समस्या स्वयं बुलाकर लाते है । इस तरह से समस्या आने पर कहा जाता है की ‘आ बैल मुझे मार’इस तरह से इसका अर्थ समस्या को स्वयं बुलाना हुआ ।

    आ बैल मुझे मार मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग

    • तुमने तो उस पुलिस वाले से पंगा लेकर आ बैल मुझे मार वाला काम कर दिया ।
    • तुमने इसे अपने घर मे पनाह देकर वही काम कर दिया आ बैल मुझे मार ।
    • राजेश अपने दोस्तो की समस्या का निवारण करना चाहता था और स्वयं ही समस्या मे पड गया यह तो वही बात हुई आ बैल मुझे मार ।
    • डाकू को गालिया देकर राम ने आ बैल मुझे मार वाला काम कर दिया ।
    • उसकी मदद करने के कारण मुझे आ बैल मुझे मार वाला काम करना पढा ।
  • आँख उठाकर न देखना मुहावरे का चित्र

    आँख उठाकर न देखना

    आँख उठाकर न देखना मुहावरे का अर्थ aankh uthakar na dekhna muhavare ka arth – ध्यान न देना ।

    दोस्तो जब कोई व्यक्ति किसी के घर मे जाता है और जिसके घर मे वह व्यक्ति जाता है उस घर का मालिक या उस घर के लोग किसी कारण से बहुत ही बिजी होते है । तो वे उस काम मे इतने बिज होते है की वे यह तक नही देखते की हमारे घर मे कोई आया है की नही या यह कह सकते है की उनको यह पता तक नही चता की उनके घर मे कोई आया है ।

    जब काफी समय बित जाता है तो वह व्यक्ति वहां से वापस चला जाता है । इस तरह से वे लोग उस व्यक्ति की तरफ ध्यान नही देते है । इस कारण से वह व्यक्ति सोचता रहता है की उन्होने तो मेरी तरफ आंख उठाकर भी नही देखा । इस तरह से ध्यान न देने को आंख उठाकर न देखना कहा जाता है ।

    आंख उठाकर न देखना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • श्यामलाल को मैंने बहुत आवाज दी पर उसने आंख उठाकर न देखा ।
    • तुम तो बडे जिद्दी हो हम दोनो की एक बार लडाई क्या हो गई तुम तो मेरी तरफ आख उठाकर भी न देख रहे हो ।
    • किसन की लोटरी क्या लग गई वह तो गरीबो की तरफ आंख उठाकर न देखता है ।
    • जब गरीब के पास बहुत अधिक धन आ जाता है तो वह किसी और की तरफ आंख उठाकर भी नही देखता और तुमने भी ऐसा ही किया ।
    • राहुल की मैंने मुश्किल मे बहुत सेवा की थी पर आज जब मैं मुश्किल मे हूं तो वह मेरी तरफ आंख उठाकर न देखता है ।
  • आग में कूदना मुहावरे का चित्र

    आग में कूदना

    आग में कूदना मुहावरे का अर्थ aag mein kudna muhavare ka arth – जानबूझकर मुसीबत मोल लेना ।

    दोस्तो अगर किसी व्यक्ति को पता होता है की अगर वह यह कार्य करेगा तो उस पर बहूत बडी मुसीबत आ जाएगी । फिर भी वह व्यक्ति वही कार्य करता है । इस तरह से किसी भी कार्य को करने के कारण से जब किसी व्यक्ति पर मुसीबत आती है जिसका उसे पहले से ही पता होता है । तो इसे जानबूझकर मुसीबत मोल लेना कहा जाता है।

    इसी तरह से जब कोई व्यक्ति आग मे कूदता है तो उसे पता होता है की आग मे कूदने के कारण से उसे बहुत कष्टो का सामना करना पडेगा फिर भी वह आग मे कूदता है तो इसे जानबूझकर मुसीबत मोल लेना कहा जाता है । इस तरह से इस मुहावरे का अर्थ जानबूझकर मुसीबत मोल लेना होता है ।

    आग मे कूदना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • भारत के सेनिक भारत की हिफाजत करने के लिए हमेशा आग मे कूदने को तैयार रहते है ।
    • अगर तुम सच्चे देशभग्त होते तो देश को खतेरे मे देख कर आग मे कूदने से पिछे नही हटते ।
    • मित्रो को मुसीबत मे देखकर जो आग मे कूद जाए वही सच्चा मित्र होता है ।
    • जब गाव मे आग लग गई तो रमेश ने ही आग मे कूद कर हम सबको बचाने की हिम्मत की ।
    • हम दोनो को एक करने के लिए हमारे बेटे आग मे कूद पडे ।
  • आसन डोलना मुहावरे का चित्र

    आसन डोलना

    आसन डोलना मुहावरे का अर्थ aasan dolna muhavare ka arth – मन का विचलित होना ।

    दोस्तो आज के जमाने मे ऐसे लोगो की कोई कमी नही है जो बाहरी तरफ से दिखावा करते और अंदर से कुछ और होते है । ऐसे लोगो को जब पैसो की पोटली पडी दिख जाती है तो वे लोग दिखावे मे इमानदार होते हुए भी उन पैसो को उठा ही लेते है।

    इस तरह से जब उन लोगो ने पैसे देखे तो उन लोगो का मन विचलित होने लगा और वे सोच मे पड गए की पैसे ले या न ले पर आखिर मे वह व्यक्ति उन पैसो को ले ही लेता है । इसी तरह से किसी भी कारण से किसी व्यक्ति का मन विचलित हो जाता है तब आसन डोलना कहा जाता है ।

    आसन डोलना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • रावण की तपस्या को देख कर प्रभु शिव का आसन डोल गया और उन्हे रावण की इच्छा पूरी करने के लिए रावण के सामने आना ही पडा ।
    • जब अर्जुन कोरवो को मारने लगा तब बाकी कोरवो का आसन डोल गया ।
    • रात को तरह तरह की आवाज सुन कर राजू का आसन डोलने लगा ।
    • जब राजीव रात को अपने घर नही पहुंचा तो मां का आसन डोलने लगा ।
    • जब भारतीय लोग अंग्रजो के खिलाफ अवाज उठाने लगे तो उनका आसन डोल गया ।
  • इधर की उधर करना मुहावरे का चित्र

    इधर की उधर करना

    इधर की उधर करना मुहावरे का अर्थ idhar ki udhar karna muhavare ka arth – चुगली करना ।

    दोस्तो जब किसी व्यक्ती के द्वारा कही गई बात को कोई बडा चडा कर किसी दुसरे व्यक्ति को बताता है । यानि उस बात मे अपनी कुछ बात और जोड देता है जिसके कारण से वह बात बड जाती है और फिर जब वह किसी को बताई जाती है तो उस बात का सही अर्थ नही रहता और उस बात का कुछ और ही अर्थ निकल जाता है इस तरह से उस व्यक्ति के द्वारा कही गई बात को किसी अन्य व्यक्ति को बडा चडा कर कहने को चुगली करना कहा जाता है । और इस तरह से चुगली करने को ही इधर की उधर करना कहा जाता है ।

    इधर की उधर करना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • मैंने तो उसे जरा सा कहा था पर उसने मेरी बात को इधर का उधर कर दिया ।
    • लालसिंह की इधर की उधर करने की आदद है उसे कोई बात मत बता देना ।
    • महेश ने राजेश की बात को इधर का उधर कर दिया जिससे दोनो भाईयो मे झगडा हो गया ।
    • अनिता तो अपने घर की बात ही इधर से उधर करने के लिए आ जाती है भला उस पर भरोसा कर कर कोई बात भी नही बता सकते है ।
    • प्रताब ने तुम पर भरोषा कर कर कहा था पर तुमने तो उसकी बात को इधर की उधर कर दी ।
  • कलेजे पर साँप लोटना मुहावरे का चित्र

    कलेजे पर साँप लोटना

    कलेजे पर साँप लोटना मुहावरे का अर्थ kaleje par saap lotna muhavare ka arth – ईष्या होना या जलन होना ।

    दोस्तो जब कोई किसी व्यक्ति के जीवन मे खुशहाली देखकर यह सोचता है की इसके जीवन मे यह खुशियां क्यो है और वह चाहने लग जाता है की इसके जीवन मे दुख ही हो । पर जब वह चाहता है वैसा नही होता बल्की उसके जीवन मे खुशियां होती है तो वह उससे जलने लग जाता है या फिर यह कह सकते है की वह उससे ईष्या करने लग जाता है तो इस तरह से जलने वालो के लिए ही इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है । क्योकीजब वह जलता है तो वह अपने कलेजे मे जलन महसुस करता है इस कारण से इस स्थिती के लिए इस मुहावरे को कलेजे पर साँप चलना कहा जाता है ।

    कलेजे पर साँप लोटना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • राजेश और किशोर को एक साथ देखकर राजेश के भाई के कलेजे पर साँप लोटने लगा ।
    • अपने पडोसी की घर रोनक देखकर रमीया के कलेजे पर साँप लोटने लगा ।
    • अगर इसी तरह से तेरे कलेजे पर साँप लोटता रहेगा तो हम कभी भी एक नही होगे ।
    • अपने ही बेटे के अच्छे दिन आने पर तुम्हारे कलेजे पर साँप क्यो लोट रहा है ।
    • दुनिया मे शांति को देखकर चिन के कलेजे पर शांप लोट गया और उसने कोरोना को फैला दिया ।
  • का वर्षा जब कृषि सुखाने मुहावरे का चित्र

    का वर्षा जब कृषि सुखाने

    का वर्षा जब कृषि सुखाने मुहावरे का अर्थ ka varsha jab krishi sukhane muhavare ka arth – समय बित जाने पर मदत बेकार है ।

    दोस्तो किसान अपने खेत मे खेती करता है जिसके लिए उसे पानी की सक्त जरूरत रहती है और वह पानी किसान को वर्षा से प्राप्त होता है । जब वर्षा समय पर होती रहती है तब किसान के लिए वह बहुत ही फायदेमद होगी क्योकी उसकी फसल अच्छी बनेगी ।

    मगर जब वर्षा समय बितने के बाद होती है यानि जब फसल पूरी तरह से नष्ट हो जाती है उसके बाद वर्षा होती हे तो उस वर्षा का किसान को कोई फायदा नही होता है । यानि वह वर्षा बेकार हो जाती है । इसी तरह से मानव के जीवन मे भी कुछ कार्य ऐसे होते है जिनके लिए उसे किसी दूसरे की मदत चाहिए होती है जिस तरह से किसान को वर्षा की मदत चाहिए ।

    का वर्षा जब कृषि सुखाने मुहावरे का वाक्य में प्रयोग ka varsha jab krishi sukhane muhavare ka vakya me prayog

    • जितने दिनो तक रामू की पत्नी बिमार थी तब रामू की किसी ने मदत नही की और पत्नी के मर जाने पर रामू की मदत करने वाले भी मिल गई सच है वर्षा जब कृषि सुखाने ।
    • होने से जब घर बिकने लगा तब मैंने लोगो से बहुत मदत मागी पर किसी ने मदत नही की और घर बिक जाने पर किसी ने आकर मुझे पैसे दिए यही है का वर्षा जब कृषि सुखाने ।
    • रामलाल को भरे बाजार मे डाकूवो ने लूट लिया तब रामलाल बहुत चिल्ला रहा था पर कोई उसकी मदत करने के लिए नही आया और जब डाकू वहा से फरार हो गए तब पुलिस उसके पास आई तब रामलाल ने कहा का वर्षा जब कृषि सुखाने ।
    • इसबार तो समय पर वर्षा की भी मदत नही मिली जिसके कारण से गाव के लोगो की सारी फसल नष्ट हो गई मगर फसल नष्ट हो जाने पर बहुत दिनो तक वर्षा होती रही यह तो वही बात हो गई का वर्षा जब कृषि सुखाने ।
    • कुलदिप ने मेरी मदत तो की थी पर समय बित जाने पर यही है का वर्षा जब कृषि सुखाने ।
  • काला अक्षर भैंस बराबर मुहावरे का चित्र

    काला अक्षर भैंस बराबर

    काला अक्षर भैंस बराबर मुहावरे का अर्थ kaala akshar bhains baraabar muhaavare ka arth – बिल्कुल नही पढा हुआ या अनपढ ।

    दोस्तो अगर किसी के पास इतना ज्ञान है की वह हर किसी को पढने मे पिछे छोड दे और उसके सामने कोई ऐसा आ जाए जिसको कुछ भी नही पता हो उसे यह भी नही पता हो की इसमे क्या लिखा है यानि अनपढ आदमी आ जाए । और उससे वह कहते है की लो और इस किताब मे जो भी लिखा है ।

    उसे मुझे समझाओ तो वह आदमी कहता है क्यो मजाक कर रहे हो मेरे आगे तो काला अक्षर भैंस के बराबर है यानि जिस तरह से भैंस का रंग काला होता है उसी की तरह उनका रंग भी काला है । अर्थात अनपढ लोगो के लिए ही इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है ।

    काला अक्षर भैंस बराबर मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग

    • तुम्हारी बराबरी मै कैसे कर सकता हूं क्योकी मेरे आगे तो काला अक्षर भैंस बाराबर है ।
    • गरीब होने के कारण कभी
    • स्कुल नही जा सका और आज मेरे आगे काला अक्षर भैंस बाराबर है ।
    • मेरे सामने तो काला अक्षर भैंस बराबर है ।
    • सरकार मुझे पढना नही आता मेरे आगे तो हर काला अक्षर भैंस के समान ही है आप किसी और को पढने को कहो ।
  • कोल्हू का बैल मुहावरे का चित्र

    कोल्हू का बैल

    कोल्हू का बैल मुहावरे का अर्थ kolhoo ka bail muhaavare ka arth – कठिन परिश्रम करने वाला ।

    दोस्तो इस world मे कुछ लोग ऐसे होते है जो Day and night काम करते रहते है । जिस तरह से कोल्हू का बैल रिजता है उसी तरह से वे काम करते है । इस तरह का work हर कोई नही कर सकता पर जो लोग ऐसा कठिन काम करते रहते है तो ऐसे Peoples के लिए ही इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है ।

    कोल्हू का बैल मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • इतना काम क्यो कर रहे हो भाई इस तरह से तो कोल्हू को बैल रिजता है ।
    • रमेश इतने पैसे को लेकर तुम कहा जाओगे क्यो कोल्हू की बैल की तरह काम करते हो ।
    • बेटा वहा जाकर तुम कोल्हू के बैल की तरह काम मत करने लग जाना ।
    • जब तक मैं कोल्हू के बैल की तरह काम नही करता तब तक मेरे घर के लोगो का पेट नही भरता ।
  • खाक मे मिलना मुहावरे का चित्र

    खाक मे मिलना

    खाक मे मिलना khaak me milana मुहावरे का अर्थ – सब कुछ नष्ट हो जाना होता है ।

    आज के समय मे हार किसी के पास कुछ न कुछ तो होता ही है । और जो होता है उस पर उनको गर्व होता है । किसी के पास धन होता है तो किसी के पास अपने बाप दादाओ की कमाई हुई इज्जत होती है ।

    अगर किसी कारण उनके पास जो होता है वह न रहे तो कहते है की उसका तो सबकुछ खाक मे मिल गया । ऐसे आप लोगो को बहुत से इसान मिल जाएगे जिनके पास पहले सबकुछ था पर एक गलती के कारण उनके पास कुछ भी नही रहा और आज वह रोड पर आ गया है ।

    खाक में मिलना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग

    • उसने बहुत महन्त कर कर अपना ताजमहल सा घर बनाया था पर उसकी गलती के कारण उसका सब कुछ खाक मे मिल गया ।
    • राहुत अपना काम सुरु ही करने वाला था की उसके बडे भाई का एक्सीडेंट होने के कारण उसके सारे सपने खाक मे मिल गए ।
    • रामलाल ने खेतो की खुब देखबाल की और फसल बोई पर जब काटने की बारी आई तो उसके खेतो मे टिडी ने सारी फसल को नष्ट कर दिया और रामलाल की सारे सपने खाक मे मिल गए ।
    • घर मे बारात आने ही वाली थी की रामप्रसाद के घर मे घहनो की चोरी हो गई तो रामप्रसाद के अपनी बेटी को धन दोलत के साथ विदा करने के सपने खाक मे मिल गए ।
    • वोट के समय राजनेता ने खुब प्रचार किया और जब चुनाव होने वाले थे तो उसकी एक गलती की वजह से उसके सारे सपने खाक मे मिल गए ।
  • गुदड़ी का लाल मुहावरे का चित्र

    गुदड़ी का लाल

    गुदड़ी का लाल मुहावरे का अर्थ gudadee ka laal muhaavare ka arth – गरीब घर मे जन्मा हुआ गुणवान बालक ।

    दोस्तो जब किसी गरीब के घर मे जिसके पास खाने को भी समय पर नही होता और उसके घर मे सभी लोग बेवकुफ हो जो अपने अलावा कुछ और सोच नही सकते है कहने का अर्थ है गरीब के घर मे जब ऐसे बालक का जन्म हो जाता है जो उस घर मे सबसे अलग हो जिसके पास बहुत गुण हो जो उसके पुर्वजो मे नही थे तो ऐसे बालक को ही गुदड़ी का लाल कहते है ।

    गुदड़ी का लाल मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग

    • अपने वंश मे अब्दुल कलाम सच मुच गुदड़ी कें लाल थे ।
    • भगवान कृष्ण अपने माता पिता के लिए गुदड़ी का लाल था ।
    • जब राम का जन्म हुआ तभी लोगो ने कह दिया था की यह आपके घर मे गुदड़ी का लाल बनकर अया है ।
    • जब गरीब घर का बेटा ने देश मे अपना नाम कर दिया तब सभी लोगो ने मान लिया की यह अपने वंश मे गुदड़ी का लाल है ।
  • चने के झाड़ पर चढ़ाना मुहावरे का चित्र

    चने के झाड़ पर चढ़ाना

    चने के झाड़ पर चढ़ाना मुहावरे का अर्थ chane ke jhad par chadhana muhavare ka arth – किसी व्यक्ति की झूठी प्रसंसा करते हुए उसे श्रेष्ठ बताना ।

    दोस्तो चने का झाड़ यहां पर चने के पेड को कहा गया है जो काफी अधिक नाजूक होता है । क्योकी चने का पेड थोडी बहुत मुसीबत से निचे आ पडता है । और जब इस पेड पर किसी मनुष्य को चढाया जाता है तो वह पल भर मे निचे आ जाता है और चने का पेड टूट जाता है यह आपको पता है ।

    मगर इसी तरह से जब कोई किसी व्यक्ति की झूठी प्रशंशा करता है तो वह व्यक्ति खुश तो बहुत होता है और अपने आप को श्रेष्ठ मानने लग जाता है । मगर असल मे यह झूठ कुछ ही पल का होता है और जब झूठ टूट जाता है यानि झूठ का पता चल जाता है तो वह व्यक्ति वापस समान्य की तरह हो जाता है । यानि वह व्यक्ति श्रेष्ठ साबित नही रहता है ।

    चने के पेड पर चढ़ाना मुहावरे का वाक्य में प्रयोग // use of idioms in sentences

    • अध्यापक के पूछे गए प्रशन का किसी को उतर नही आ रहा था मगर सुनिता ने उतर सही तरह से दे दिया जिसके कारण से कलाश की लडकियों ने सुनिता को चने के झाड पर चढा दिया ।
  • छठी का दूध याद आना मुहावरे का चित्र

    छठी का दूध याद आना

    छठी का दूध याद आना मुहावरे का अर्थ chhath ka doodh yaad aana muhavare ka arth – बहुत कष्ट आना ।

    दोस्तो जब किसी पर किसी कारण से इतना ज्यादा दुख आ जाता है की वह अपने आप को कमजोर व पिछले सुख याद आने लग जाते है । और जो इस time दुख आया है उसे सोच कर बहुत परेशान हो जाता है तो इसे छठी का Milk याद आना कहा जाता है जिसा अर्थ होता है की जब छठी class मे होते है तो कितने शुख होते है और इस समय कितने दुख है । ये दुख किसी भी कारण से आ सकते है । इस मुहावरे का वही प्रयोग किया जाता है जहां बहुत कष्ट आया हो ।

    छठी का दूध याद आना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • पहले तो अपने बाप के पैसो पर ऐस करता रहा और उनके मरने पर काम करना पडा तो छठी का दुध याद आ गया ।
    • इस तरह से डिगे हाकने से कुछ नही होता जब कुछ
    • काम करना पडेगा तो छठी का दूध याद आयगा तक पता चलेगा ।
    • कुछ काम करोगे तब ही पता चलेगा छठी का दूध याद आना किसी कहते है इस तरह बैठ कर खाने से नही समझ मे आने वाला ।
    • मुकेश पहले तो अपने घर से घुस्से मे निकल गया पर जब बाहर जाकर काम करना पडा तो छठी का दुध याद आ गया और वापस अपने घर आ गया ।
  • जो गरजते हैं वो बरसते नहीं मुहावरे का चित्र

    जो गरजते हैं वो बरसते नहीं

    जो गरजते हैं वो बरसते नहीं मुहावरे का अर्थ jo garajte hai ve baraste nahi muhavare ka arth – जो व्यक्ति बढ चढ कर बाते करता है वह असल मे वैसा कार्य नही कर सकता ।

    दोस्तो कहा जाता है की जब कोई अपने बारे मे बढ चढ कर बाते करता है तो लगता है की वह इसी तरह का है । परन्तु वह असल मे ऐसा होता नही है । इस कारण से जब भी कही कोई व्यक्ति बढ चढ कर बाते करता है तब इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है । क्योकी बादल के खुब गरजने पर भी आजकल वर्षा नही होती ।

    जो गरजते है वे बरसते नहीं मुहावरे का वाक्य में प्रयोग jo garajte hai ve barsate nahin muhavare ka vakya me prayog

    • तुम्हारे इस तरह से बाते करने से कुछ नही होगा क्योकी मैं जानता हूं जो गरजते है वे बरसते नही ।
    • कुसल हर समय कलेक्टर बनने की बात करता है परन्तु उसे आता कुछ है नही सच है
    • जो गरजते है वे बरसते नही ।
    • राहुल की बात सुन कर ऐसा लगता है की मानो वह कोई कलेक्टर हो परन्तु वह दसवी फैल है सच ही है जो गरजते है वे बरसते नही ।
    • महेशराव रोजाना कहता था की वह पटवारी मे नम्बर वन पर आएगा और आखिर मे पेपर तक पास नही कर सकता यही है जो गरजते है वे बरसते नही ।
  • तलवे चाटना मुहावरे का चित्र

    तलवे चाटना

    तलवे चाटना मुहावरे का अर्थ talve chatna muhavare ka arth – खुशामद करना ।

    दोस्तो अगर किसी व्यक्ति को किसी से काम हो और वह अपना काम कराने के लिए सामने वाले की हां मे हां मिलाता है कहने का अर्थ है की जैसा वह कहता है वैसा ही वह व्यक्ति कहाता है । इस तरह से वह उस आदमी की खुशामद करना है । इस तरह से खुशामद करने को ही तलवे चाटना कहते है ।

    यहां इस मुहावरे का अर्थ इस तरह से भी समझ सकते है की मानव का जो पैर का तलवा होता है अगर कोई उस पर नाक रगडता है यानि उसके कहे अनुसार करता है उसकी चापलूसी करता है । तो इस तरह से करने को ही तलवे चाटना कहते है ।

    तलवे चाटना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • महेश ने उस अधिकारी के तलवे चाटे तब जाकर उसने उसे नोकरी दी ।
    • उसने कई महीनो तक सेठ के तलवे चाटे फिर भी सेठ ने उसके लिए कुछ नही किया ।
    • जब तक राजनीतिक
    • मे तलवे नही चाटे जाते वे उपर की पोस्ट पर नही पहुच पाते है ।
    • अगर तुम्हे काम करना हो तो करो नही मत करो मै तुम्हारे तलवे नही चाटने वाला ।
  • दम भरना मुहावरे का चित्र

    दम भरना

    दम भरना मुहावरे का अर्थ dam bharna muhavare ka arth – भरोसा करना या विश्वास करना ।

    दोस्तो जब कोई व्यक्ति किसी कार्य के लिए किसी ऐसे व्यक्ति पर भरोषा करता है जिसके बारे मे उसे पता होता है की यह व्यक्ति मेरी बात का मान रखेगा । यानि वह उस व्यक्ति पर आसानी से भरोषा या विश्वास करता है । इस तरह से जब कोई भी व्यक्ति किसी भी कारण से किसी पर भरोषा या विश्वास करने लग जाता है तो इसे दम भरना कहा जाता है । इस तरह से इस मुहावरे का अर्थ भरोषा करना होता है ।

    दम भरना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • मैं तुम पर दम भरता हूं तभी बिना सोचे समझे तुम्हे हर बात बता देता हूं ।
    • राकेश तो हर किसी पर दम भर लेता है वह तुम्हारी बात भी आसानी से मान जाएगा ।
    • उस बेचारे ने तुम पर दम भर कर यह काम दिया था और तुमने तो काम का सितानास कर दिया ।
    • राजेश ने तुम पर दम
    • भर कर यह काम करने को कहा है इसे सही तरह से करना कोई गलती मत कर देना ।
  • दाँत पीसना मुहावरे का चित्र

    दाँत पीसना

    दाँत पीसना मुहावरे का अर्थ dant pisna muhavare ka arth – अत्यधिक गुस्सा करना ।

    दोस्तो कहा जाता है की क्रोध मनुष्य का शत्रु होता है । इस कारण से किसी को भी क्रोध नही करना चाहिए । पर जब कोई व्यक्ति किसी कारण से क्रोध या गुस्सा करने लग जाते है तब इसे दांत पिसना कहा जाता है ।

    ऐसा इस कारण से भी कहा जाता है क्योकी ज्यादातर लोगो को जब क्रोध या गुस्सा आता है तो वे अपने दांत पिसने लग जाते है । इसी कारण से दांत पिसने का अर्थ अत्यधिक क्रोध या गुस्सा करना होता है ।

    दांत पिसना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • बेटे के कारनामो के बारे मे जान कर सोनू के पिताजी दांत पिसने लगे ।
    • मैंने तो राम से मजाक किया था पर वह तो मेरी बात सुन कर दांत पिसने लगा ।
    • पिताजी के ताने सुन कर लखन दांत पिसने लगा ।
    • सेठ ने जब गिरधारी को बुरा भला कहा तो वह दांत पिसने लगा पर आखिर कुछ नही कर सका ।
    • पिताजी के बारे मे बुरा भला सुन कर रमेश दांत पिसने लगा ।
  • दाल न गलना मुहावरे का चित्र

    दाल न गलना

    दाल न गलना मुहावरे का अर्थ daal na galana muhaavare ka arth – सफल न होना ।

    दोस्तो अगर कोई किसी का बुरा चहाता है या फिर कोई अपना काम करना चहाता है वह चहाता है की यह काम बहुत अच्छा चले और मुझे लाभ प्राप्त हो । पर जब वह काम नही होता या जिसका वह बुरा चहाता है उसका बुरा नही होता है तो कहा जाता है की उसकी दाल नही गली । इस तरह के लोग आपको बहुत मिल जाएगे ।

    ऐसे लोग दुसरो के बारे मे बुरा सोचते है और लोगो को भी अलग करने वाले होते है । पर दाल न गलना मुहावरा केवल अलग करने के बारे मे ही नही है । बल्की इसका सही अर्थ है किसी भी काम को करना चहाते है पर उस काम मे हम सफल नही हो सके ।

    दाल न गलना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग

    • भारत को बर्बाद करने के लिए अनेक आतंकवादियों ने वार किया पर उनकी दाल नही गल सकी ।
    • राम और रोहन को अलग करने मे उनके घर वालो ने पुरी कोशिश कर ली पर दाल नही गली ।
    • नोकरी पाने के लिए राघव ने बहुत झुट बोले पर उसकी दाल न गल सकी ।
    • पुलिस को किसी तरह से झुठ बोलकर जाना चहाता था तो पुलिस ने कहा की तुम कुछ भी बोल लो पर यहा तुम्हारी दाल नही गलेगी ।
  • दिन फिरना मुहावरे का चित्र

    दिन फिरना

    दिन फिरना मुहावरे का अर्थ din firna muhavare ka arth – समय बदल जाना ।

    दोस्तो जब किसी व्यक्ति के बुरे दिन होते है तो उस व्यक्ति को उस समय मे सारे कस्टो का पता चल जाता है । उसी तरह से जब कभी उस व्यक्ति के बुरे दिन खत्म हो जाते है तब उस व्यक्ति के बारे मे कहा जाता है की आजकल तो उसके दिन फिर गए । इस तरह से कहा जाता है की उस व्यक्ति के तो बुरे दिन खत्म हो गए और अच्छे दिन शुरू हो गए । इस तरह से समय बदल जाना ही इस मुहावरे का अर्थ होता है ।

    दिन फिरना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • राम गरीब घर से है पर इसके पिता ने इसे इतना पढाई की इनके दिन फिर गए ।
    • रामकिशोर के पास खाने को भी नही मिलता था पर उसके दिन फिर जाने से उसके घर मे भी कुत्ते अपना पेट भरते है ।
    • बुरे समय मे हर कोई दिन फिरने की आसा करने लग जाता है ।
    • जब से महेश के दिन फिरे है वह तो अपने दोस्तो की तरफ देखता भी नही है ।
    • विजय की शादी जब से सुनिता से हुई है तब से उसके दिन फिर गए ।
  • दुम दबाकर भागना मुहावरे का चित्र

    दुम दबाकर भागना

    दुम दबाकर भागना मुहावरे का अर्थ dum dabakar bhagna muhavare ka arth – डर कर भाग जाना ।

    दोस्तो इस संसार मे हर कोई किसी न किसी से बलवान होता ही है । और जो लोग बलवान है वे अपने से कम बल वाले लोगो को दबाने की कोशिश करते रहते है। इस कारण से जो लोग बलवान नही है अगर कोई उन लोगो को डराता है या फिर जब किसी दो लोगो के बिच मे लडाई होती है तो उनमे से कमजोर अपनी हार मान कर अपने प्राण बचाने के लिए भागने लग जाता है । इस तरह से भागने को ही दुम दबाकर भागना कहा जाता है ।

    दुम दबाकर भागना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • महाराज विक्रमादित्य के समाने कोई भी ज्यादा देरे नही टिकता था सभी दुम दबाकर भागने लग जाते थे ।
    • राहुल ने पहले तो बहुत जोस दिखाया और जब मै उसे मारने लगा तो वह दुम दबाकर भाग गया ।
    • तुम तो कहते थे की तुम किसी से नही डरते और इसके आते ही तुम दुम दबारक भाग जाते हो ।
    • जब खूनी को पता चला की पुलिस आ रही है तो वह दुम दबाकर भाग गया ।
    • जब भी बिल्ली के सामने कुत्ता आता है तब बिल्ली दुम दबारक भाग जाती है ।
  • दूर के ढोल सुहावने मुहावरे का चित्र

    दूर के ढोल सुहावने

    दूर के ढोल सुहावने मुहावरे का अर्थ dur ke dhol suhavane muhavare ka arth – दूर से सब अच्छा लगना ।

    दोस्तो अगर कोई व्यक्ति बर्फीले पहडो पर रहने को कह देता है तो वह हर किसी को अच्छा लगता है और सोचता है की वहा रहने मे मजा आ जाएगा और क्या क्या पल होगे साथ ही उसे लगता है की वह पहाड बहुत ही सुंदर है कहने का अर्थ है की वह हमे बहुत ही अच्छा लगता है । पर जब वहा जाकर जीवन जीना पडता है तो वही अच्छी जगह हमे बुरी लगने लग जाती है ।

    क्योकी वहां पर अगर ध्यान नही देते तो लोग बर्फ मे दफन हो सकते है और बर्फ के तुफान भी आते है । कहने का अर्थ है की वहा पर बहुत समस्या होती है । इस तरह से जब कोई व्यक्ति दूर से किसी को देखता है तो वह बहुत ही अच्छा लगता है पर पास जाने पर उसकी हकीकत पता चल जाती है । जिसके कारण से वह बुरा लगने लगता है । इसी तरह से इस मुहावरे का अर्थ दूर से सब अच्छा लगना होता है ।

    दूर के ढोल सुहावने मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • आसमान से बर्फ पडना सबको अच्छा लगता पर जहा बर्फ गिरती है वहा जाकर रहने से पता चलता है की दूर के ढोल सुहाने होते है ।
    • रामवतार जब भी घर से बाह जाता है तो देखने वाले को अच्छा दिखता है पर वह दुर के ढोल सुहाना है ।
    • राजेश तो दूर के ढोल सूहाना है उस पर आप भरोषा मत करना ।
    • सेठ लालचंद दिखने मे सरिफ है पर वह अंदर ही अंदर लोगो को लूटता रहता है इस तरह के लोगो को दूर के ढोल सुहाने कहा जाता है ।
    • मैंने तो राधेश्याम को पहले ही कहा था की वह उस बाबा पर भरोषा न करे वह दूर का ढोल सुहाना है पर उसने मेरी बात नही मानी और आज लूट गया ।
  • दो नावों पर पैर रखना मुहावरे का चित्र

    दो नावों पर पैर रखना

    दो नावों पर पैर रखना मुहावरे का अर्थ do naav par pair rakhna muhavare ka arth – किन्ही दो कार्यो को एक साथ करना ।

    दोस्तो अगर कोई व्यक्ति अपने जीवन मे दो ऐसे कार्य कर रहा है जो एक दुसरे से अलग हो । जिस तरह से आज के समय मे मानव एक तरफ नोकरी पाने के लिए तैयारी कर रहा है तो दुसरी और किसी कार्य मे पैसे कमा रहा है । इस तरह से दो कार्य एक साथ करने को दो नावों पर पैर रखना कहा जाता है ।

    दो नावों पर पैर रखना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • इतनी अच्छी नोकरी होने के बाद भी श्यामलाल ने मिठाई बनाने की दुकान खोल रखी है अब उसे कोन समझाय की दो नावों पर पैर रखना अच्छा नही होता है ।
    • महेश अगर तुम दो नावों पर पैर न रख ते तो आज तुम नोकरी लग जाता ।
    • तुम एक तरफ कह रहे हो की मजदूरी करूगा और दुसरी और कह रहे हो कॉलेज
    • की पढाई करूगा इस तरह से दो नावों पर पैर रखने से कुछ हासिल नही होगा ।
    • भाई इतना अच्छा व्यपार चलने के बाद भी तुम किसी और काम मे हाथ दे रहे हो इस तरह से दो नावों पर पैर रखना नही चाहिए ।
  • धज्जियाँ उड़ाना मुहावरे का चित्र

    धज्जियाँ उड़ाना

    धज्जियाँ उड़ाना मुहावरे का अर्थ dhajjiyan udana muhavare ka arth – दोष दिखाना ।

    दोस्तो वर्तमान मे ऐसे लोग बहुत है जिनको अपनी गलती दिखाई नही देती है । चाहे फिर उन्होने कितना ही बडा बुरा कर्म क्यो न कर दिया हो । पर कभी कभी कुछ लोग ऐसे लोगो को उनके दोष दिखाने लग जाते है । यानि उन लोगो ने जो कार्य किए है उनके दोष उनको बताने लग जाते है। इस तरह से करने को हो धज्जियाँ उडाना कहा जाता है ।

    धज्जियां उडना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • जब लोगो ने दर्शन की धज्जियां उडानी शुरू की तो दर्शन लोगो की नजरो से दूर भागने लगा ।
    • आपको पता नही क्या की वह कैसा है अगर उसी समय मैं वहां पर होता तो उसकी इस तरह से धज्जियां उडाता की वह शर्म के मारे पानी पानी हो जाता ।
    • भरे बाजर मे राकेश मे सुरज की धज्जियां उडा दी ।
    • राजपाल ऐसे तो बडी बडी ज्ञान की बात करता है पर
    • जब कोई उसकी धज्जियां उडाने लग जाता है तब उसकी बोलती बंद हो जाती है ।
  • धूल में मिलना मुहावरे का चित्र

    धूल में मिलना

    धूल में मिलना मुहावरे का अर्थ dhul me milna muhavare ka arth – बुरी तरह से बर्बाद होना ।

    दोस्तो जब किसी व्यक्ति के पास धन दोलत की कोई कमी नही होती है तो वह व्यक्ति उसका ज्यादा स्तेमाल करने लग जाता है । जिसके कारण से उस व्यक्ति के पास जो धन दोलत है वह अचानक नष्ट हो जाती है । इसी तरह से जब ऐसे इंसानो के पास एक फुटी कोडी नही रहती है तो उनके बारे मे कहा जाता है की वह तो बर्बाद हो गया । इसी तरह से जब किसी भी कारण से किसी व्यक्ति का सब कुछ नष्ट हो जाता है तो इसे बुरी तरह से बर्बाद होना या धूल में मिलना कहा जाता है ।

    धूल में मिलना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • राजेश के पास जब से कुछ पैसे आने लगे थे तो उसने सेठ से टकराने की हिम्मत कर ली जिसके कारण आज वह धूल मे मिल गया ।
    • जब से राहुल शराबी बना है उसकी बनी बनाई इज्जत धूल मे मिल गई ।
    • बेटे की नाकामी की वजह से आज राहुल का पूरा परीवार धूल मे मिल गया ।
    • संतोष की छोटी सी लापरवाही के कारण वह धूल मे मिल गई ।
    • राजवीर के पास धन दोलत की कोई कमी नही थी पर उसके पिता के मरने के बाद राजवीर को इस तरह से शराब का नशा लगा की वह धूल मे मिल गया ।
  • धोबी का कुत्ता घर का न घाट का मुहावरे का चित्र

    धोबी का कुत्ता घर का न घाट का

    धोबी का कुत्ता घर का न घाट का मुहावरे का अर्थ dhobi ka kutta ghar ka na ghat ka muhavare ka arth – कहीं का भी न रहना ।

    दोस्तो जब कोई किसी कारण से अपना घर या अपना स्थान छोडकर कही चला जाता है । और जहां वह जाता है उसे वहा पर भी जगह नही मिलती है तो फिर वह अपने स्थान पर वापस भी नही जा सकता है । तब वह बिच मे रह जाता है । इस तरह से जब कोई बिच मे रह जाता है तो उसके लिए इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है । और कहा जाता है की इसने ऐसा कर दिया इस कारण से यह धोबी का कुता घर का न घाट का । यानि वह न घर जा सकता है और न ही जहां जाने के लिए घर से आया था वहा जा सकता है ।

    धोबी का कुत्ता घर का न घाट का, का वाक्य मे प्रयोग Use

    • तुम तो बिल्कुल धोबी के कुत्ते के समान हो जो न तो घर का न घाट का होता है ।
    • नोकरी पाने के लिए उसने बार बार अपना पक्ष बदला पर उसे नोकरी नही मिली इसे ही कहते है की धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का ।
    • यह काम कर कर तो तुम धोबी का कुत्ता बन गए हो जो न घर न घाट का होता है ।
    • तुम्हारी बात मे आकर मै कही धोबी का कुत्ता न बन जाउ जो न घर का न घाट का होता है ।
    • रघुवीर ने ज्यादा पैसो के
  • नाच नचाना मुहावरे का चित्र

    नाच नचाना

    नाच नचाना मुहावरे का अर्थ nach nachana muhavare ka arth – अपनी इच्छा के अुनसार काम करवाना ।

    दोस्तो आज के समय मे हर किसी को किसी न किसी ऐसी चिज की जरूरत पड जाती है जिसके कारण से वह किसी अन्य व्यक्ति से मदद माग लेता है । और जब वह व्यक्ति ऐसे लोगो की मदद कर देता है तो फिर वह उन लोगो से अपने अनुसार काम करवाता है ।

    जिसके कारण से उन लोगो को वह काम करना ही पडता है क्योकी मुसीबत मे उसी ने उन लोगो की मदद की थी । इसी तरह से जब कोई किसी व्यक्ति से अपनी इच्छा के अनुसार काम करवाने लग जाता है तब इसे नाच नचाना कहा जाता है ।

    नाच नचाना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • इतनी मुश्किल से तो मैं उसे मना कर यहां लेकर आया हूं और आप उसे नाच नचाने लगे हो ।
    • मैंने जब से सेठ से मदद मागी है तब से वह मुझे नाच नचा रहा है ।
    • मुसीबत मे होने पर हर कोई नाच नाचता है ।
    • रामलाल जब से गाव का मुखिया बना है तब से वह हर किसी को नाच नचाता है ।
    • नाच नचाने वाले लोगो के पास मैं काम नही कर सकता हूं ।
  • नानी याद आना मुहावरे का चित्र

    नानी याद आना

    नानी याद आना मुहावरे का अर्थ nani yaad aana muhavare ka arth – बहुत अधिक घबरा जाना ।

    दोस्तो जब भी कोई व्यक्ति किसी मुसीबत मे होता है तब उस व्यक्ति को अपनी मां याद आ जाती है । पर जब कभी मुसीबत बडी होती है तब वह व्यक्ति अपनी मां को याद न कर कर अपनी मां की मां को याद करता है । जिसके कारण से उसे लगता है की मां की मां यानि नानी इस मुसीबत से घुटकारा दिला देगी ।

    क्योकी मुसीबत इतनी बडी है की वह व्यक्ति इतना अधिक घबरा जाता है की अपनी नानी को ही याद करने लग जाता है । इस कारण से ही नानी याद आने का अर्थ बहुत अधिक घबरा जाना होता है।

    नानी याद आना मुहावरे का अर्थ Use in sentence

    • चोरी करते हुए पकडे जाने के कारण रामू को इतनी मार पडी की उसे नानी याद आ गई ।
    • जब पिताजी को पता चला की बेटा सराब पीता है तो उन्होने बेटे को इतना
    • मारा की उसे नानी याद आ गई ।
    • रात को रास्ते से जाते जब रमेश ने डरावनी आवाज सुनी तो उसे नानी याद आ गई ।
    • राहूल उन गुंडो के साथ मजाक कर रहा था जिसके कारण से उन गुंडो ने उसे इतना पीटा की उसे नानी याद आ गई ।
  • बगुला भगत मुहावरे का चित्र

    बगुला भगत

    बगुला भगत मुहावरे का अर्थ bagula bhagat muhavare ka arth – ढोंगी व्यक्ति ।

    दोस्तो आज के समय मे अनेक लोग ऐसे होते है जो अपनी असलियत को छिपा कर लोगो को लूटने मे लगे है । इसी तरह के लोगो मे अगर कोई हो कहने का अर्थ है की ऐसा व्यक्ति जो देखने मे सही लगता हो पर वह अंदर से ढोंगी या धोकेबाज हो । तो इस तरह के लोगो के लिए इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है ।

    बगुला भगत मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • आज के जमान बगुल भगत की कोई कमी है जो एक और आ गया ।
    • इन बगुल भगत से बच कर रहना बेटा ये कहते कुछ और है और करते कुछ और है ।
    • आज तो बहुत बगुल भगत फिर रहे है आखिर बात क्या है ।
    • जब गाव के लोगो को पता चला की यह साधू तो बगुल भगत है तो गाव के लोगो ने उसे चपल से मार कर गांव से बाहर निकाला ।
    • आजकल बगुल भगत अपना पेट भरने के लिए साधू बने फिरते है ।
  • बहती गंगा में हाथ धोना मुहावरे का चित्र

    बहती गंगा में हाथ धोना

    बहती गंगा में हाथ धोना मुहावरे का अर्थ bahti ganga mein haath dhona muhavare ka arth – समय का लाभ उठाना ।

    दोस्तो आज का समय ऐसा है की जब भी किसी काम का लाभ मिले तो उसे ले लेना चाहिए क्योकी बादमे पता नही वह मिले की नही । और ऐसा भी होता है की अगर किसी को कुछ लाभ मिल रहा है तो हर कोई उसे लेना चाहता है । कहने का अर्थ की आज के समय मे जो भी समय का लाभ उठाना जानता हो तो उसके लिए इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है ।

    बहती गंगा मे हाथ धोना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • गाव मे अनाज बंट रहा था तो मैंने भी बहती गंगा मे हाथ धो लिए इसमे गलत क्या है ।
    • दिपावली पर सस्ता समान देखकर राजेश ने भी कपडे खरीद लिए इसे कहते है बहती गंगा मे हाथ धोना ।
    • बहती गंगा मे हाथ धोना कोई पाप नही है जो तुम लाभ नही उठाओगे ।
    • चुनाव के महोल मे शराबियों भी बहती गंगा मे हाथ धो लिए ।
    • शराब बट रही थी तो महेश ने भी बहती गंगा मे हाथ धो लिए ।
  • भीगी बिल्ली बनना मुहावरे का चित्र

    भीगी बिल्ली बनना

    भीगी बिल्ली बनना मुहावरे का अर्थ bheegee billee banana muhaavare ka arth – डर जाना ।

    दोस्तो आज इस संसार मे बलवानो की कोई कमी नही है और न जाने कितने छोटे मोटे जा न वर ऐसे है जिनको देखने से भी हम डर जाते है और उसका सामना नही कर सकते है । अगर कोई बलवान व्यक्ति को देखकर उससे कुछ नही कहता और उससे डर जाता है चाहे फिर उसकी कितनी भी गलती क्यो न हो । ऐसे लोगो को देखकर चुप रहते है तो उसके लिए कहा जाता है की यह तो इसे देखकर भीगी बिल्ली बन गया है । जिसका सिधा सा अर्थ होता है की यह इसे देखकर बहुत डर गया है ।

    भीगी बिल्ली बनना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग

    • रोहन अपने घर के लोगो के सामने शेर बना रहता है पर जब उसके पिता आ जाते है तो वह भीगी बिल्ली बन जाता है ।
    • राजेश ने पुलिस को देखा तो वह भीगी बिल्ली बन गया ।
    • जब राहुल ने एक आदमी को खुन करते देख लिया तो वह भीगी बिल्ली बन गया ।
    • रामचन्द्र पहलवान के सामने सभी भीगी बिल्ली बन जाते है ।
  • भूखे भजन न होय गोपाला मुहावरे का चित्र

    भूखे भजन न होय गोपाला

    भूखे भजन न होय गोपाला मुहावरे का अर्थ bhukhe bhajan na hoye gopala muhavare ka arth – जब पेट भूखा हो तो कोई कर्म नही किया जाता ।

    दोस्तो आज मनुष्य अपने जीवन मे जो भी कार्य कर रहा है उसका मकसद इतना ही है की वह अपना पेट भर ले । तभी आज लोग नोकरी, बिजनेश और मजदुरी जैसे कार्य कर कर पैसे कमाते है और अपना पेट भरते है । मगर जब पेट ही नही भर पाता यानि पेट खाली होने पर शरीर मे ऊर्जा नही बनती और मनुष्य कमजोर होने लगता है । जिसके कारण से कोई कर्म भी नही हो पता है । इसी कारण से जब कभी किसी व्यक्ति का पेट खाली होता है तब वह कोई कर्म नही करता तब इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है ।

    भूखे भजन न होय गोपाला मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग

    • तुम्हे भूख लगी है तो खाना खालो वरना काम सही तरह से नही होगा क्योकी मुझे पता है भूखे भजन न होय गोपाला ।
    • सेठ बडा लालची है सारे दिन काम कराता रहता है, भूखे को खाने के लिए भी समय नही देता, उसे क्या पता नही भूखे भजन न होए गोपाला ।
    • मैं तो भाई साफ साफ कह रहा हूं मुझे भूख लगी है मै खाना खाने के लिए जा रहा हूं क्योकी भूखे भजन न होय गोपाला ।
    • अरे भाई मैं कब से देख रहा हूं तुम काम किए जा रहे हो पहले पेट तो भर लो क्योकी भूखे भजन न होए गोपाला ।
    • रामू जब भी किसी मजदुर से काम कराता है तो पहले उसे खाना खिलाता है फिर कहता है की काम करो क्योकी उसे पता है भूखे भजन न होए गोपाला ।
  • भैंस के आगे बीन बजाना मुहावरे का चित्र

    भैंस के आगे बीन बजाना

    भैंस के आगे बीन बजाना मुहावरे का अर्थ bhains ke aage been bajana muhavare ka arth – मुर्ख को समझाने का प्रयत्न करना ।

    दोस्तो जब कोई किसी ऐसे व्यक्ति को समझाने का प्रयत्न कर हर हो जिस पर हमारी बातो का कुछ भी प्रभाव न हो तो ऐसे लोगो को मुर्ख कहा जाता है और मुर्ख को कोई भी बात समझ मे नही आती है । इस कारण जो उसे समझाने का प्रयत्न करेगा वह सब व्यर्थ मे ही चला जाएगा । इस तरह के मुर्ख लोगो को समझाने को ही भैंस के आगे बिन बजाना कहा जाता है ।

    भैंस के आगे बीन बजाना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • तुम्हे समझाना तो भैंस के आगे बिन बजाने के समाना है ।
    • इसे समझाते समझाते हम तो थक गए है पर इसे कुछ भी समझ मे नही आया इसे भैंस के आगे बिन बजाना ही कहते है ।
    • इसने एक बार कह दिया न की यह काम करेगा ही फिर इसे कितनी बार भी समझा दो यह वह करकर ही मानेगा सच कहा है भैंस के आगे बिन बजाने से उसे कुछ समझ मे नही आता।
    • तुम्हे कितना समझाया की इसे इस तरह से नही करते फिर भी तुम्हे कुछ समझ मे नही आया सच कहा है की भैंस के आगे बिन बजाना व्यर्थ है।
    • राजेश को तो समझाना भैंस के आगे बिन बजाने जैसा है इस कारण हमे चुप रहना चाहिए ।
  • मजा किरकिरा होना मुहावरे का चित्र

    मजा किरकिरा होना

    मजा किरकिरा होना मुहावरे का अर्थ maja kirkira hona muhavare ka arth – रंग में भंग डलना या बाधा पडना ।

    दोस्तो आज के समय मे हर किसी पर कष्ट आते रहते है । पर कभी कभी कुछ ऐसी खुशी आ जाती है जिसके कारण से वह अपने दुखो को भूल कर उस खुशी का आनन्द लेने लग जाता है । इस तरह से जब कोई किसी कारण से आनन्द ले रहा होता है पर उसी समय उस कार्य मे ऐसी बाधा आ जाती है जिसके कारण से उसका आनन्द नही रहता है । तो इस तरह से बाधा आना या रंग मे भग पडने को ही मजा किरकिरा होना कहा जाता है ।

    मजा किरकिरा होना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • दोस्तो के साथ बेस्ट फ्रेंड फिल्म देख कर हम सभी दोस्त बहुत मजा कर रहे थे पर अचानक लाईट चली गई जिसके कारण सारा मजा किरकिरा हो गया ।
    • पिताजी के आते ही पार्टी का मजा किरकिरा हो गया ।
    • तुम इसे यहां पर क्यो लाई हो इसके आने से मेरा मजा किरकिरा हो गया ।
    • विवाह मे लडाई होने के कारण से विवाह का मजा किरकिरा हो गया ।
    • हम सभी दोस्त एक साथ बैठ कर पार्टी कर रहे थे पर अचानक वहां पर सांप के आने से राजा मजा किरकिरा हो गया ।
  • माथा ठनकना मुहावरे का चित्र

    माथा ठनकना

    माथा ठनकना मुहावरे का अर्थ maatha thanakana muhavare ka arth – आशंका होना ।

    दोस्तो आज के समय मे लोगो के बिच मे झगडा होता ही रहता है और इसी बिच मे अचानक झगडा करने वाले मे से एक व्यक्ति दुसरे के साथ अच्छा व्यवाहर करने लग जाता है । तो दुसरे व्यक्ति को अहसास हो जाता है की पहले तो इसने कभी भी मेरे साथ ऐसा व्यवाहर नही किया है आज यह कर रहा है । तो उसे उस पर आशंका हो जाती है की जरुर कुछ न कुछ इसके दिमाग मे चल रहा है । और इस तरह से आशंका हाने को ही माथा ठनकना कहा जाता है । यहां पर एक बात ध्यान रखने योग्य है की आशंका का कारण कोई भी हो सकता है ।

    माथा ठनकना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • रामलाल का माथा तो ठनका ही होगा जब तुम उसके साथ दोस्ती करने के लिए गए थे ।
    • तुम उसकी बातो मे मत आ जाना वह बडा नालायक
    • है मैंरा तो उसकी बातो को सुनते ही माथा ठनक गया था ।
    • तुम्हारे मेरे साथ ऐसी बाते करने के कारण ही मेरा माथा ठनका था ।
    • तुम पहले तो उसके साथ लडाई करते थे और अब चुपडी चुपडी बाते कर रहे हो इस कारण से उसका माथा ठनका होगा ।
  • मारा मारा फिरना मुहावरे का चित्र

    मारा मारा फिरना

    मारा मारा फिरना मुहावरे का अर्थ maara maara phirna muhavare ka arth – ठोकरें खाते फिरना ।

    दोस्तो आज के समय मे हर कोई अपना पेट भरने के लिए कुछ न कुछ तो करना ही चाहता है जिसके कारण उसके पास पैसे आते रहे और उन पैसो से वह भोजन लोकर अपना पेट भर लेता है । इस कारण से पैसे कमाने के लिए हर कोई अलग अलग कार्य करता है । जिस तरह से आजकल ज्यादातर पैसे कमाने के लिए नोकरी करना चाहते है । और नोकरी पाने के लिए वे इधर उधर भटकते रहते है । या फिर यह कह सकते है की नोकरी के लिए वे ठोकरे खाते है । साथ ही ऐसा भी हो सकता है की नोकरी लग भी गया हो और अचानक नोकरी छुट जाने के कारण वह ठोकरे खाता फिर रहा हो । इस तरह से किसी भी कारण से ठोकरे खाने को ही मारा मारा फिरना कहा जाता है ।

    मारा मारा फिरना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • आजकल हर कोई नोकरी
    • की तलाश मे मारा मारा फिर रहा है ।
    • नोकरी से निकल जाने के बाद महेश अब मारा मारा फिर रहा है ।
    • पिता ने घर से निकाल दिया तो रामबाबू अब मरा मारा फिर रहा है ।
    • रामप्रताब तो पहले ही मारा मारा फिर रहा था पर अब उसे नोकरी मिल गई तो उसका भाग्य खुल गया ।
  • मुँह मोड़ना मुहावरे का चित्र

    मुँह मोड़ना

    मुँह मोड़ना मुहावरे का अर्थ muh modna muhavare ka arth – तिरस्कार करना ।

    दोस्तो जब कोई पिता अपने बेटे को बुरे रास्ते पर जाते देख कर अपने बेटे का साथ छोड देता है यानि उसका तिरस्कार कर देता है । उसी तरह से किसी भी कारण से जब किसी का साथ छोड दिया जाता है या तिरस्कार कर दिया जाता है तब ऐसा कहा जाता है की उसने तो उससे मुंह मोड लिया है । इस तरह से तिरस्कार करना इस मुहावरे का अर्थ होता है ।

    मुँह मोड़ना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • जैसे ही पिता को पता चला की रमेश शराबी बन गया तो उसी समय पिताजी ने रमेश से मुंह मोड लिया ।
    • राहुल के पिता ने तो इसके कारनामे देख कर कब का मुंह मोड लिया ।
    • जब से पिता बिमार हुआ है तब से राम मोजमस्ती से मुंह मोड कर उनकी सेवा करने लगा है ।
    • अगर तुम इसकी बात मे आकर मुझझे मुंह मोडोगे तो एक दिन तुम बहुत पच्छताओगे ।
    • श्यामलाल लोगो की बातो पर विश्वास कर कर अपने प्रिय मित्र से मुंह मोड कर बैठा है ।
  • मुंह ताकना मुहावरे का चित्र

    मुंह ताकना

    मुंह ताकना मुहावरे का अर्थ muh takna muhavare ka arth – दूसरे पर आश्रित होना।

    दोस्तो आज के समय मे जो लोग अपना काम स्वयं कर लेते है वही अपने जीवन मे सफल हो सकते है । पर कुछ लोग अपने कार्यो को स्वयं नही करते है वे तो किसी अन्य पर निर्भर या अश्रित रहते है और सोचते है की उनका कार्य दुसरे कर देगे । इस तरह से जब कोई व्यक्ति किसी भी कारण से दुसरो पर आश्रित रहते है तब उनके लिए इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है ।

    मुंह ताकना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • पार्वती ऐसी औरत है जो किसी भी काम के लिए मुंह तकना जानती ही नही ।
    • पिताजी के समझाने के बाद राजेश ने आज तक मुंह नही ताका ।
    • उससे किसी काम की उमिद भी क्या कर सकते है जो अपने काम के लिए मुंह ताकते रहते है ।
    • यहां पर मुंह ताकने से कुछ नही होगा यह घर नही जो मां काम कर देगी ।
    • सुरेश ने बहुत बार मुंह ताका पर कोई भी उसका काम करने के लिए नही आया ।
  • मुंह में पानी आना मुहावरे का चित्र

    मुंह में पानी आना

    मुंह में पानी आना मुहावरे का अर्थ muh mein pani aana muhavare ka arth – लालच होना ।

    दोस्तो आज के समय मे हर कोई मिठाई या तरह तरह के स्वादिष्ट भोजन का दिखाना होता है । फिर अगर किसी को यह पता चल जाए की आज हमारे घर मे या कही पर भी अच्छे अच्छे पकवान बन रहे है तो यह खबर सुनकर उसके मुंह मे थुक आ जाता है और वह भी उन पकवानो को खाने की सोचने लग जाता है ।

    साथ ही अगर किसी समय किसी व्यक्ति के सामने पकवानो का नाम भी ले दिया जाए तो वह उसके अहससा मात्र उसे खाने की इच्छा कर लेता है । जिसके कारण उसके मुंह मे थुक आ जाता है । कभी कभी तो उसे भोजन या पकवान खाने की इतनी अधिक इच्छा होती है की वह लालची बन कर पकवानो को खाने लग जाता है ।

    मुंह मे पानी आना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • इसके सामने तो मिठाई क्या आ गई इसके मुंह मे पानी आ गया ।
    • मिठाई का नाम सुनते ही किशोर के मुंह मे पानी आ जाता है ।
    • आपकी बेटी की बनाई हुई मिठाईया देखकर मेरे तो मुंह मे पानी आ गया अगर आपकी इजाजत हो तो मे खा लू ।
    • पेडे इतने स्वादिष्ट
    • थे की जो भी देख लेता उसके मुंह मे पानी आ जाता है ।
  • मुल्ला की दौड़ मस्जिद तक मुहावरे का चित्र

    मुल्ला की दौड़ मस्जिद तक

    मुल्ला की दौड़ मस्जिद तक मुहावरे अर्थ है mulla ki daud masjid tak muhavare ka arth – जिस व्यक्ति की जहां तक पहुंच होती है वह वही तक जा पाता है ।

    दोस्तो मुल्ला इस्लाम धर्म के मस्जिद मे रहने वाला व्यक्ति होता है जो मस्जिद के कार्यकाल को करता है । वह मस्जिद से बाहर का कोई भी काम नही करता है । उसका कार्य मस्जिद के भितर ही होता है । यानि मुल्ले की पहुंच केवल मस्जित के भितर ही है और वही तक वह कार्य कर सकता है । इसी तरह से मनुष्य जीवन मे अगर कभी किसी व्यक्ति के लिए जिस व्यक्ति की जहां तक पहुंच होती है वह वही तक जा पाता है की बात होती है तो इसे मुल्ला की दौड़ मस्जिद तक कहा जाता है ।

    मुल्ला की दौड़ मस्जिद तक मुहावरे का वाक्य में प्रयोग use in sentence

    • मां और पत्नी मे झगडा होते देख कर रामू कमरे मे चला गया क्योकी उससे लडाई रूकने वाली तो थी नही यही है मुल्ला की दोड मस्जिद तक ।
  • मेंढकी को जुकाम होना मुहावरे का चित्र

    मेंढकी को जुकाम होना

    मेंढकी को जुकाम होना मुहावरे का अर्थ mendaki ko jukam hona muhavare ka arth – अनहोनी होना ।

    दोस्तो आप लोगो को पता है की जो भी कार्य होता है वह हो सकता है तभी वह कार्य होता है । पर कभी कभी कुछ ऐसे कार्य हो जाते है जिनकी आसा नही की जा सकती है । कहने का अर्थ है की जब कभी ऐसे कार्य होते है जो नही होने चाहिए थे या फिर उनके होने का सही समय नही हुआ है तब उस कार्य को अनहोनी कहा जाता है । इस तरह से जब कभी अनहोनी होती है मेंढकी को जुकाम होना कहा जाता है ।

    मेंढकी को जुकाम होना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • आज रामलाल के साथ मेंढकी को जुकाम होने वाली बात हो जाती अगर मैं वहां पर न होता ।
    • तुम तो ऐसी बाते कर रहे हो जैसे मेंढकी को जुकाम होने वाली है ।
    • इतनी उम्र हो जाने के बाद भी तुम खिलोनो से खेल रहे हो इसे तो मेंढकी को जुकाम होना कहते है ।
    • भरी जवानी मे बिचारी का पति मर गया इसे तो मेंढकी को जुकाम होना कहते है ।
    • भवानी सिंह की छोटी सी गलती के कारण से उसके साथ मेंढकी को जुकाम होने वाली बात हो गई ।
  • लट्टू होना मुहावरे का चित्र

    लट्टू होना

    लट्टू होना मुहावरे का अर्थ lattu hona muhavare ka arth – मोहित होना या फिदा होना ।

    दोस्तो आज के जमाने मे हर किसी के जीवन मे कोई न कोई ऐसा होता है जो उसके लिए बहुत मायने रखता है । वह कोई भी हो सकता है । जिस तरह से आजकल हर लडके सुंदर सुसिल लडकियों पर फिदा हो जाते है । उसी तरह से कोई फिल्म स्टार पर लट्टू होता है और कोई भगवान पर भी फिदा हो जाता है और उसका ही गुणगान गाने लग जाता है । इस तरह से जब कोई व्यक्ति किसी पर मोहित या फिर किसी पर फिदा हो जाता है तो इसे लट्टू होना कहा जाता है ।

    लट्टू होना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • मेरा भाई तो अजय देवगन पर लट्टू है जब भी उनकी कोई नई फिल्म रिलीज होती है तो वह देखने के लिए जाता है ।
    • मैं तो भाई दुष्यंत कुमार पर लट्टू हूं उनके जैसा शायर
    • यह तो कवि जयशकर प्रशाद पर पूरा लट्टू है उनकी ही कविता पढने को पंसद करता है ।
    • रमेश तो साउथ की एक एक्टर पर लट्टू है ।
    • आज कल के लडको का कहना क्या जब देखो किसी न किसी के पिछे लट्टू होकर फिरते रहते है ।
  • लातों के भूत बातों से नहीं मानते मुहावरे का चित्र

    लातों के भूत बातों से नहीं मानते

    लातों के भूत बातों से नहीं मानते मुहावरे का अर्थ laaton ke bhoot baaton se nahi mante muhavare ka arth – दुष्ट व्यक्तियों को दंड की भाषा समझ मे आती है ।

    दोस्तो आपने सुना होगा की जो भी कोई बुरा काम करता है तो वह अपने काम के अपराध को स्वीकार नही करता जैसे चोर अपना अपराध आसानी से स्वीकार नही करता है। पर जब उसे पुलिस के डंडे पडने लगते है तो वह आखिर मे अपना अपराध स्वीकार कर ही लेते है ।

    इस तरह से जो व्यक्ति दुष्ट होते है, जो बुरे कार्य करते है, तो ऐसे व्यक्तियों को बातो से समझाने पर उन्हे कुछ नही समझ मे आता मरग जब उन्हे दंड दिया जाता है तो वे हर एक बात को समझ जाते है और अपना जुर्म कबूल कर लेते है ।

    लातो के भूत बातो से नही मानते का वाक्य मे प्रयोग laaton ke bhoot baaton se nahi mante ka vakya me prayog

    • जब कोई समझाने पर भी न समझे तो उसे दंड देना ही पडता है क्योकी लातों के भूत बातो से नही मानते ।
    • खूनी अपना अपराध स्वीकार नही कर रहा था तो पुलिस ने उसे बहुत पिटा जिसके कारण खूनी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया । तब पुलिस को समझ मे आ गया की लातो के भूत बातो से नही मानते ।
    • रामलाल ने चोरी की थी यह सब ने देखा पर रामलाल यह मानने को तैयार ही नही की उसने चोरी की थी यह तो लातो का भूत है जो बातो से नही मानता ।
    • पिताजी के सामने बड चड कर बोल रहे रमेश को जब पिता ने पिटा तब वह जाकर शांत हो सका यही है लातो के भूत बातो से नही मानते ।
    • सेठ को पता था की लातो के भूत बातो से नही मानते इस कारण से चोर को जुर्म कबुल कराने के लिए सेठ ने उसे पिटवा दिया ।
  • हाथ तंग होना मुहावरे का चित्र

    हाथ तंग होना

    हाथ तंग होना मुहावरे का अर्थ hath tang hona muhavare ka arth – गरीब होना ।

    दोस्तो जिन लोगो के पास धन की कमी होती है उन्हे गरीब व्यक्ति कहा जाता है । ऐसे गरीब व्यक्ति हर अपना वह काम नही कर सकते जिसकी उन्हे जरूरत होती है । उन्हे अपने आप की जरूरतो को मारना ही पडता है । तब ही वे अपना पेट भर पाते है । इस तरह से गरीब लोगो के लिए इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है ।

    हाथ तंग होना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • अगर आज मेरे हाथ तंग न होते तो मैं तुम्हे अपने घर से खाली हाथ नही जाने देता ।
    • उस बिचारे ने तो अपने पास जो भी पैसे थे वह मेरी मदद करने के लिए दे दिए वरना उसके हाथ भी तंग थे ।
    • जिन लोगो के हाथ तंग होते है उनकी मदद करनी चाहिए ।
    • महेश के पास ऐसे तो बहुत पैसे है पर जब कोई उससे मदद मागने के लिए चला जाता है तो वह यह कह देता है की आज कल मेरे हाथ तंग है ।
    • पहले तो उधार पैसे ले लिए और वापस देने का समय आया तो तुम्हारे हाथ तंग हो गए ।
  • अंकुश रखना

    अंकुश रखना मुहावरे का अर्थ ankush rakhna muhavare ka arth – नियंत्रण या वश मे रखना ।

    दोस्तो अंकुश लोहे का बना एक विशेष प्रकार का कांटा होता है जिसका उपयोग हाथी को बांधने मे किया जाता है । इस तरह के कांटे यानि अंकुश से बांधने पर हाथी काबू मे रहता है या हाथी नियत्रण मे रहने लग जाता है । इसी तरह से जब मनुष्य अपने जीवन मे किसी को नियंत्रण मे रखता है या कह सकते है की किसी को वश मे रखता है तो इसे अंकुश रखना कहा जाता है क्योकी व्यक्ति भी हाथी की तरह वंश मे हो जाता है जिस तरह से हाथी होता है ।

    अंकुश रखना मुहावरे का वाक्य में प्रयोग ankush rakhna muhavare ka vakya me prayog

    • महेश जीस कंपनी मे काम करने के लिए जाता है उस कंपनी का अंधीकारी हमेशा महेश को अंकुश मे रखता है ।
    • तुम्हारे बेटे की बक बक सुन कर मुझे क्रोध तो बहुत आ रहा था पर मैंने
    • अपने घुस्से पर अंकुश रखा था ।
    • कई दिन बित गए मैं तुम्हारी उलट पुलट बाते सुन रहा हूं फिर भी मैंने तुम्हे आज तक कुछ नही कहा परन्तु आज अगर तुमने उलट पुलट बाते की तो मैं अपने आप पर अंकुश न रख पाउगा ।
    • रामलाल तुम्हारा बेटा अपने से बडो के साथ भी झगडा करने लगा है अब तुम्हे इसे अंकुश मे रखने का समय आ गया है ।
  • अंगूठा दिखाना

    अंगूठा दिखाना मुहावरे का अर्थ angootha dikhaana muhaavare ka arth – इनकार करना ।

    दोस्तो इस संसार मे जब भी किसी पर दुख आता है तो उसे पता चलता है की कोन है जो हमारा है और कोन है जो हमारा नही है वह तो दिखावट का ही हमारे साथ रहता है । ऐसे लोगो से हम जब मुसीबत मे सहायता मागते है तो वे लोग हमे अंगुठा दिखा देते है जिन्हे हम अपना मानते है। उसी समय हमे पता चलता है की कोन हमारी मुसीबत मे साहयता कर सकता है । अंगुठा दिखाना मुहावरे का सिधा सा अर्थ यही है की मना कर देना ।

    अंगूठा दिखाना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग

    • जिस पर मै सबसे ज्यादा भरोसा करता था मुसीबत मे उसी मित्र ने मुझे अंगुठा दिखा दिया ।
    • राजा के राज्य पर हमला हुआ तो वह पडोसी राज्य से साहयता मागने गया तो सभी ने उसे अंगुठा दिखा दिया ।
    • अंगुठा दिखाने वाले कभी भी पक्के दोस्त नही बन सकते है।
    • जब राहुल को पुलिस पकड कर ले गई तो सभी ने उसे अंगुठा दिखा दिया ।
  • अंधेरे घर का उजाला

    अंधेरे घर का उजाला मुहावरे का अर्थ andhere ghar ka ujala muhavare ka arth – एक ही संतान होना ।

    दोस्तो जब कोई व्यक्ति ऐसा हो जिसके एक संतान हो और उस संतान के होने के बाद मे उस घर मे किसी और का जन्म नही हुआ हो तो इस तरह से फिर वह उस घर की इकलोती संतान हो जाएगी या अपने माता पिता की इकलोती संतान हो जाएगी । इस तरह से जब किसी के एक ही संतान होती है तब उसे अंधेरे घर का उजाला कहा जाता है ।

    अंधेरे घर का उजाला मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • राजबाला तो श्यामलाल के अंधेरे घर का उजाला बन गई है ।
    • इतना बडा परिवार होने के बाद भी रमेश इस अंधरे घर का उजाला है ।
    • सरला को शादी करे हुए दस वर्ष बित गए पर उनके अंधरे घर का उजाला श्याम ही है ।
    • अगर इस अंधेरे घर का उजाला कोई हो जाता तो इनका जीवन सुधर जाता ।
    • प्रताब को गोद लेने के कारण से रामबाबू के अंधरे घर का उजाला प्रताब बन गया ।
  • आँख लगना

    आँख लगना मुहावरे का अर्थ aankh lagana muhavare ka arth – झपकी आना या निन्द आना ।

    दोस्तो अगर किसी को निन्द आती रहती है तो उसे झपकी आना कहा जाता है । जब किसी को निंद आ जाती है जिसके कारण उसकी हानी और न जाने क्या क्या कार्य हो जाते है तो उस समय वह कहता है की मेरी तो आँख लगी ही थी और यहां यह सब हो गया । यानि वह कहता है की मुझे तो निंद आ गई और यहां यह सब हो गया है । इस तरह इस मुहावरे से भी समझा जा सकता है की इसका अर्थ क्या है क्योकी इस मुहावरे को ध्यान से देखने पर हमे पता चलता है की जब हमारी आँख लग जाती है यानि हमारी आंखो मे निन्द आ जाती है और हम सो जाते है । इस तरह से इस मुहावरे का अर्थ निन्द आना होता है ।

    आँख लगना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • जैसे ही राधेश्याम की आँख लगी उसके सारे पैसे चोरी हो गई ।
    • जनाब अगर कही जा रहे हो तो ध्यान रहे की रास्ते मे आँख न लग जाए वरना आपका सारा समान चोरी हो जाएगा ।
    • इस भिड मे एक बार भी आँख लग गई तो सारा समान चोरी हो जाएगा ।
    • अभी तो मेरी आँख लगी थी और तुम आ गई ।
    • कब से कोशिश कर रही हुं की आँख लग जाए और जब आँख लगी तो फोन आ गया ।
  • आँखें खुलना

    आँखें खुलना मुहावरे का अर्थ aankhen khulana muhaavare ka arth – सचेत होना या होस में आना होता है ।

    दोस्तो आज कल के समय मे हर कोई अपनी आखो पर पट्टी बाधे फिर रहा है । वह हर किसी पर भरोसा कर लेता है । वह यह जानने की कोसीस नही करता की वह किसी पर भरोसा कर रहा है वह केसा आदमी है ।

    और जब उसे पता चलता है की यह हमारे जीवन को बरबाद करने मे लगा है तो उसे पता चलता है की हम जीस पर भरोसा कर रहे थे वह तो हमारा बुरा करने मे लगा है । बादमे जब भी वह आदमी उससे कहता है की तुम्हे ऐसा कना चाहिए तो वह कहता है की अब मेरी आँखें खुल गई है अब मै तुम्हारी बातो मे नही आउगा ।

    आँखें खुलना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग

    • राम ने श्याम से कहा की अब मै तुम्हारी बातो मे नही आउगा अब मेरी आँखें खुल गई है ।
    • जब रमेश को पता चला की जिसको वह घर से निकाल दिया है वह तो हमारा ही भला चहाता था तब रमेश की आँखें खुल गई ।
    • रामेश्वर कहाता है की जब तक कोई ठोकर नही खाता तब तक उसकी आँखें नही खुलती है ।
    • राजेश को देखा तो रमेश को पता चला की जिसकी वह बात मान रहा है वह तो मेरे साथा धोखा कर रहा है तब जाकर रमेश आँखें खुली ।
    • राघव को उसके दोस्त ने खुब समझाया पर जब वह दसवी मे फेल हुआ तब जाकर उसकी आँखें खुली ।
  • आंखों में खटकना

    आंखों में खटकना मुहावरे का अर्थ aankhon mein khatakana muhaavare ka arth – चुभना या बुरा लगना ।

    दोस्तो अगर कोई अच्छा कार्य कर रहा है जिसे देखकर दुसरे लोग जल रहे है या फिर किसी कि तुलना किसी और आदमी के साथ कि जा रही है तो उस आदमी को बहुत बुरा लगेगा की वह इतना अच्छा है जिसके कारण मेरी तुलना उसके साथ कि जा रहीहै ।

    तो वह उस आदमी की आंखों मे खटकने लगेगा यानि उस आदमी को वह बुरा लगने लगेगा । इस तरह से हमारी अच्छाई के कारण भी हम किसी की आंखों मे खटकने लग जाते है । और उसे हम बुरे लगने लगते है जिससे उसे जब भी मोका मिलगा वह हमे बुरा साबित करने मे लग जाएगा ।

    आंखों में खटकना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग

    • अपना काम करते देखकर मै मरे पडोसी की आंखों मे खटकने लगा हूं ।
    • अपनी सोतेली मां की आंखों मे हमेशा से ही रीया खटकती रही है ।
    • मुझे उपर चढते देखकर राहुत की आंखों मे मै खटकने लगा हूं ।
    • राजेश की नोकरी लग जाने पर उसकी काकी की आंखों मे वह खटकने लगा ।
  • आसमान पर थूकना

    आसमान पर थूकना मुहावरे का अर्थ aasman par thukna muhavare ka arth – किसी अच्छे व्यक्ति के बारे मे बुरा भला कहना ।

    दोस्तो अगर कोई ऐसे व्यक्ति को बुरा बताता जिसने कभी भी बुराई का साथ नही दिया हो बल्की हमेशा से अच्छाई का साथ देता आ रहा हो । तो ऐस लोगो को बुरा भला कहना आसमान पर थुकना कहा जाता है । क्योकी जिस तरह से आसमान को किसी ने नही देखा की वह केसा है और फिर भी लोग बनावटी बातो के जरीय उसे गलत बता रहे है । जो उसके बारे मे गलत है की नही यह हम नही बता पाते और जब हम किसी को गलत नही मान सकते तो वह अच्छा ही होता है । उसी तरह से जिन लोगो के बारे मे हमे पता है की यह कभी गलत हो ही नही सकता । तो ऐसे लोगो के बारे मे गलत बताने को ही आसमान पर थूकना कहते है ।

    आसमान पर थूकना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • इन्होने कभी भी गलत काम नही किया और तुम इन्हे ही गलत ठहरा रहे हो यह तो आसमान पर थूकना हुआ ।
    • हमारे महाराज के बारे मे कुछ गलत कहना आसमान पर थूकने के समान है ।
    • अगर तुमने आसमान पर थूकने की कोशिश भी की तो तुम ही गलत बन जाओगे ।
    • जिन्होने देश को आजाद कराया था आज तुम उन्हे ही गलत बता रहे हो इस तरह से आसमान पर थूकने से कुछ नही होगा ।
    • तुमने हामारे सामने ही हमारे राजा के विषय मे गलत कह कर आसमान पर थूका है ।
  • आस्तीन का सांप होना

    आस्तीन का सांप होना मुहावरे का अर्थ aasteen ka saamp hona muhaavare ka arth – कपटी मित्र ।

    दोस्तो अगर कोई किसी के पास रहकर उसका मित्र होने का नाटक करता है और उसके पिछे पिछे उसे ही हानी पहूंचाने के बारे मे सोचता है तो ऐसे लोगो के लिए ही इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है । आस्तीन का साप होना ही एक अर्थ लेकर आता है और ऐसे मित्र के रुप की और संकेत करता है जो आपका बुरा चहाता है और आपको हानी पहूंचाने मे पिछे नही हटता है । इस मुहावरे का सिधा अर्थ ही कपटी मित्र है ।

    आस्तीन का सांप होना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग

    • उस पर भरोसा करने से अच्छा है मै मर जाउ वह तो आस्तीन का साप है ।
    • जब विजय को पता चला की रिशाल आस्तीन का साप है तो उसे बहुत घुस्सा आया ।
    • राजनीतिक मे हर कोई आस्तीन का साप है किसी पर भी भरोसा नही किया जा सकता ।
    • जब भरत को राजेश ने मारा तब उसे पता
    • चला की जिस पर वह इतना विस्वास करता था वह तो आस्तीन का साप निकला ।
  • एक अनार सौ बीमार

    एक अनार सौ बीमार मुहावरे का अर्थ ek anaar sau beemaar muhaavare ka arth – वस्तु कम व मांग अधिक होना ।

    दोस्तो अगर किसी ऐसी वस्तु की माग अधिक हो जो कम मिलती हो या उसी समय वह वस्तु कम हो या फिर ऐसे कह सकते है की ऐसा कार्य जिसको केवल एक ही या फिर कुछ ही लोग पुरा कर देते है पर उस कार्य को करने के लिए अनेक लोग आ जाते है । ऐसी ही स्थिती मे इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है जिसका साधारण भाषा मे अर्थ है किसी वस्तु की माग अधिक होना पर वह वस्तु कम होना ।

    एक अनार सौ बीमार मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग

    • रमेश के पास एक आदमी को ही भोजन कराने का समान था पर उसके घर मे खाने वाले लोगो की सख्या दश थी यह तो वही बात हो गई एक अनार सौ बिमार होना ।
    • आजकल नोकरी थोडी होती है और उसको पाने वाले अनेक यह तो वही बात हो गई एक अनार सौ बिमार ।
    • ने विधालय मे बच्चो से एक प्रशन पुछा तो सभी बच्चे उसका उतर बताने के लिए तैयार थे सच कहा है एक अनार सौ बिमार ।
    • रमेश के गाव मे जब बाढ आई तो पुरा गाव भुखा मरने लगा तभी सराकर ने उनकी मदद करने के लिए एक किलो रोटी भेज दी पर उससे क्या हो सकता था इसे तो एक बिमार सौ बिमार कहते है ।
  • एक और एक ग्यारह होना

    एक और एक ग्यारह होना मुहावरे का अर्थ ek aur ek gyarah hona muhavare ka arth – एकता मे शक्ति होना ।

    दोस्तो जब जिस तरह से हमारे हाथ की पांचो अगुलीया एक साथ हो जाती है तो वह किसी भी काम को कर सकती है क्योकी एक साथ होने के कारण उनकी शक्ति बढ जाती है । उसी तरह से अगर कोई दो व्यक्ति भी एक साथ खडे हो जाते है तो उनकी शक्ति बढ जाती है और वे किसी से भी आसानी से लड सकते है । इसी को एक और एक ग्यारह होना कहते है ।

    एक और एक ग्यारह होना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • दोने भाई एक साथ रहोगे तो कोई भी तुम्हारा कुछ नही बिगाड सकता है क्योकी एक और एक ग्यारह होते है ।
    • जब तक राम और श्याम एक साथ थे तो उनका कोई कुछ नही बिगाड सका था इससे पता चलता है की एक और एक ग्यारह होते है ।
    • इन दोनो की नोटकी पर भरोसा मत करना जब इनमे से किसी एक पर मुसीबत आती है तो दोनो एक और एक ग्यारह होते देर नही लगाते ।
    • जब तक हम एक और एक ग्यारह नही होगे तब तक ये लोग हमे ऐसे ही लूटते रहेगे ।
    • जब गाव के लोग एक और एक ग्यारह हो गए तब सभी डाकू डर कर भाग गए ।
  • ऐरा–गैरा नत्थू खैरा

    ऐरा–गैरा नत्थू खैरा मुहावरे का अर्थ aira gaira nathu khaira muhavare ka arth – मामूली या सामान्य व्यक्ति ।

    दोस्तो किसी धनवान व्यक्ति के सामने ऐसा व्यक्ति सामान्य होता है जिसके पास धन की कमी हो । और ज्ञानी व्यक्ति के सामने अज्ञानी व्यक्ति मामूली या सामान्य व्यक्ति होते है । यानि जो कम धनवान और कम ही ज्ञानी हो यानि ज्यादातर जैसे लोग होते है वैसा होने को ही सामान्य व्यक्ति कहा जाता है । इस तरह के सामान्य व्यक्तियों के लिए ही इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है ।

    ऐरा गैरा नत्थू खैरा मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग aira gaira nathu khaira muhavare ka vakya me prayog

    • तुम जैसे ऐरा गैरा नत्थू खैरा की आखिर मदद करेगा भी तो कोन करेगा ।
    • राहुल की लोटरी क्या निकल गई अपने दोस्त को ही ऐरा गैरा नत्थू खैरा समझने लगा है।
    • मैंने तो राहुल को ऐरा गैरा नत्थू खैरा समझा था परन्तु यह तो बडा ज्ञानी व्यक्ति निकला ।
    • अगर आपकी सभा मे ऐसे ऐरा गैरा नत्थू खैरा लोग आएगे तो मेरी आने की आसा करना बेकार है ।
    • सेठ के पास धन की कोई कमी नही है तभी वे गाव के हर व्यक्ति को ऐरा गैरा नत्थू खैरा समझते है ।
  • कलेजा ठंडा होना

    कलेजा ठंडा होना मुहावरे का अर्थ kaleja thanda hona muhavare ka arth – तृप्त या संतुष्ट होना ।

    दोस्तो अगर कोई किसी ऐसे समाचार को सुन लेता है जो उसके लिए बहुत ही सुखमय हो । या फिर ऐसे भी कह सकते है की ऐसे कार्य को होते देख लेते है जो उनके लिए अच्छा हो तो ऐसा कहा जाता है की यह समाचार सुनकर मेरा तो कलेजा ठंडा हो गया है । इस तरह से इस मुहावरे का अर्थ होता है की संतुष्ट होना ।

    कलेजा ठंडा होना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • जब तक आतंकवादियो को मार नही देता तक तक मेरा कलेजा ठंडा नही होगा ।
    • पडोसी के घर आग लगाकर कमला का कलेजा ठंडा हो गया ।
    • कब से मेरा दिल बहक रहा है जरा बेटो से बात कर लू तो कलेजा ठंडा हो जाएगा ।
    • अपने बेटो से बात कर कर हर मां का कलेजा ठंडा हो जाता है ।
    • जब से इसे सजा मिली है मेरा कलेजा ठंडा हो गया ।
  • खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे

    खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे मुहावरे का अर्थ khisiyani billi khamba noche muhavare ka arth – अपनी किसी बात का क्रोध दुसरो पर निकालना ।

    दोस्तो आज के समय मे सभी अपने अपने कार्यो मे सफल होने के प्रयाश करते रहते है । पर जब वे लोग अपने कार्य मे सफल न हो सके यानि असफल हो जाते है तब वे लोग अपनी असफलता के कारण से क्रोधित मे होते है । और अपने इस क्रोध को किसी दुसरो पर निकालते है ऐसा करने के कारण से उनके क्रोध मे कुछ शांति आ जाती है । इसी तरह से जब कोई व्यक्ति किसी कारण से अपनी किसी बात का क्रोध दुसरो पर निकालते है तब वहा इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है ।

    खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे का वाक्य मे प्रयोग khisiyani billi khamba noche ka vakya me prayog

    • जब प्रकाश पिताजी से बदतमीजी करने लगा तो उसे बहुत मार पडी जिसके कारण से प्रकाश बहुत क्रोधित हो गया अपने दोस्तो के पास जार गुस्सा निकलने लगा यह तो वही बात हुई खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे ।
    • जब महेश बिना वजह से लोगो के साथ झगडा करने लगा तो लोग समझ गए की आज जरूर इसे ऑफिस मे डाट पडी है तभी यह यहा खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे कर रहा है ।
    • यहा आकर क्रोध क्यो कर रहे हो जब तुम्हे सेठ ने पिटा था तब तो कुछ नही बोल सके इसे कहते है खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे ।
    • जब राम अपने भाई को अनाप सनाप कहने लगा तो उसके भाई ने सोचा की जरूर इसे किसी ने कुछ कहा था तभी यह खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे कर रहा है ।
    • अर्जुन की बाते सून कर उसकी मा को पता चल गया की आज इसके पिता ने इसे बहुत सुनाया है क्योकी अर्जुन खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे जैसी बात कर रहा था ।
  • ख्याली पुलाव पकाना

    ख्याली पुलाव पकाना मुहावरे का अर्थ khayali pulav pakana muhavare ka arth – असंभव बाते करना ।

    दोस्तो अगर किसी के पास कुछ न हो और वह अपने से बढ कर किसी चिज को लाने की बाते करता हो । तो इस तरह से वह उसके लिए लाना असंभव होता है । और जो उसके लिए असंभव है वह उसके लिए बाते करना भी असंभव है तो जो लोग इस तरह की असंभव बाते करते हो उन लोगो के लिए ही इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है । और कहा जाता है की यह तो केवल ख्याली पुलाव पकाता रहता है ।

    ख्याली पुलाव पकाना का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • अगर इसी तरह से ख्याली पुलाव पकान से कोई अमीर बन जाता तो इतना परिश्रम करने की जरुरत ही नही पडती ।
    • तुम तो ख्याली पुलाव पकाते रहते हो इस तरह से यह काम थोडे होगा इसके लिए मेहन्त करनी पडती है ।
    • प्रसांत ने तो ख्याली पुलाव पकाने की हद ही कर दी वह कह रहा था की वह इस राज्य का राजा बनेगा भला यह कैसे हो सकता है ।
    • अगर तुम इसी तरह से ख्याली पुलाव पकाते रहोगे तो समय आने पर बहुत पछताने लगोगे ।
    • महेश ने तो ऐरोप्लेन लोने की बात कह दी है यह ख्याली पुलाव पकाना नही है तो और क्या है ।
  • गाल बजाना

    गाल बजाना मुहावरे का अर्थ gaal bajana muhavare ka arth – डींग हांकना या बढ़–चढ़कर बातें करना।

    Friends आगर कोई अपने से बढ कर बाते करता है या फिर ऐसे कह सकते है की ऐसा व्यक्ति जिसको बढ चढकर बाते करता है पर उसे आता कुछ भी नही है तो ऐसे Peoples के लिए ही इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है । ऐसे लोगे के लिए कहा जाता है की इसे कुछ भी नही आता यह तो केवल गाल बजाना जानता है अर्थात केवल डींगे हाकना जानता है ।

    गाल बजाना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • तुमसे कोई भी काम सही तरह से नही हो सकता तुम तो केवल गाल बजाना जानते है ।
    • तुम तो कहते थे की तुम किसी से नही डरते पर जब सामने शेर आया तो पता चला की तुम्हे केवल गाल बजाना आता है ।
    • सारे दिन गाल ही बजाते रहोगे की कुछ काम भी करोगे ।
    • गाल बजाने वाले लोगो की वैसे भी कोई कमी नही है और उपर से तुम भी आ गए ।
  • चिकना घड़ा होना

    चिकना घड़ा होना मुहावरे का अर्थ chikna ghada hona muhavare ka arth – निर्लज्ज होना।

    दोस्तो जिस व्यक्ति पर किसी बात का असर न हो चाहे फिर उसे गालिया भी क्यो न दि जाए । उसे किसी बात से कोई लेना देना नही होता है । वह तो उसे एक कान से सुनता है दुसरे से निकाल देता है । कहने का अर्थ है की वह बहु बेशर्म है । इस तरह के लोगो के लिए इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है । क्योकी जिस तरह से चिकने घडे पर पानी की एक बुन्द भी नही ठहरती उसी तरह से इस तरह के लोगो पर किसी बात का कोई असर नही होता है । इसी कारण इस तरह के लोगो के लिए इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है ।

    चिकना घड़ा होना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • महावीर को लाख समझाया की इस काम को मत करो पर इसे समझ मे नही आता यह तो चिकना घडा है ।
    • आप इसे कितना भी समझा दो यह तो चिकना घडा है इस पर किसी बात का असर नही होगा ।
    • इसे कई बार समझाया की उसके साथ काम मत करो पर यह तो चिकना घडा है इस पर किस बात का असर करेगा ।
    • तेरे जैसे लोगो को कुछ भी कह दो तुमको कुछ होता ही नही है लगता है की तुम चिकने घडे हो ।
    • आप चाहो तो इसे कितनी भी गालीया दे सकते हो इस पर किसी बात का असर नही होगा यह तो चिकना घडा है ।
  • छाती पर पत्थर रखना

    छाती पर पत्थर रखना मुहावरे का अर्थ chhati par patthar rakhna muhavare ka arth – हृदय कठोर होना ।

    दोस्तो जब किसी व्यक्ति पर बहुत बडी मुसीबत आ जाती है तो वह अपने आप को संभालता नही है और अपने आप को नुकसान पहुचाने की कोशिश करने लग जाता है । इसी तरह से जब किसी के साथ कुछ इस तरह की घटना घट जाती है या छोटी मोटी भी घटना घट जाती है तो जिस व्यक्ति के साथ यह घटना घटती है । उसे बहुत कष्ट झेलना पडता है फिर भी अपने आप को संभालता है और ऐसा अहसास दिलाता है की उसे इससे कुछ भी फर्क नही पडा है । तो इस तरह से दुख न होने के कारण यह कहा जाता है की इसने छाती पर पत्थर रख रखा है यानि इसने अपने आप का दुख छुपा रखा है । इस तरह से इस मुहावरे का अर्थ कठोर हृदय होना या कठोर हृदय करना होता है ।

    छाती पर पत्थर रखना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • अपने बेटे को गलत रास्ते पर जाते देखकर महेशवर्मा ने छती पर पत्थर रख कर उसे होस्टल मे डाल दिया ।
    • जब बेटा घर से निकल कर कही चला गया तो माता पिता ने अपनी छाती पर पत्थर रख लिया था ।
    • फुलवती ने छाती पर पत्थर रख कर अपने बेटे को पढने के लिए शहर भेजा था तब आज वह नोक री लग सका है ।
    • जब पुत्र के मरने की खबर उसके माता पिता के पास पहुंची तो उन्होने छाती पर पत्थर रख कर उसकी चिता को अग्नि दी ।
    • बेचारी का पती मर गया फिर भी इसने छाती पर पत्थर रख रखा है ।
  • टेढ़ी खीर

    टेढ़ी खीर मुहावरे का अर्थ tedhi kheer muhavare ka arth – कठिन कार्य ।

    दोस्तो जब कोई कार्य किसी के लिए कठिन हो और उसे हर कोई नही कर सकता है तो उस काम को टेढ़ी खीर कहा जाता है । क्योकी जिस तरह से टेढ़ी होती है उसे कोई भी सिधा नही कर सकता उसी तरह से ऐसा कार्य होता है जिसे हर कोई नही कर सकता क्योकी वह उनके लिए टेढी खीर होती है । अर्थात कठिन कार्य होता है ।

    टेढ़ी खीर मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • IAS की परीक्षा मे प्रथम आना टेढी खीर के समाना है ।
    • चोर से चोरी छुटाना टेढी खीर है ।
    • कोरोना के काल मे सभी लोगो का सही सलामत रहना टेढी खीर है ।
    • ना जाने यह कितनी बार इस परीक्षा को देकर आ गया है पर पास नही हुआ लगता है की इसके लिए यह काम टेढी खीर है ।
    • महेश के लिए कोई भी काम टेढी खीर नही है ।
  • दाँत खट्टे करना

    दाँत खट्टे करना मुहावरे का अर्थ daant khatte karna muhavare ka arth – हरा देना या पराजित करना ।

    दोस्तो अगर कोई किसी के साथ लडाई या फिर कोई अन्य काम कर रहा है तो वह उस लडाई या उस काम मे हरा देता है तो उसके लिए कहा जाता है की इसने तो उसके दांत खटे कर दिए यानि इसने तो उसे हरा दिया । क्योकी जिस तरह से दांत खटे होते है तो वह चिरमिरा उठता है और वह अपनी हार सी महसुस करने लगा जाता है । उसे अपने पूरे शरीर मे हल चल सी लगने लगती है । और जब कोई हार जाता है तो बिलकुल ऐसे ही होता है इसी कारण से इस मुहावरे का अर्थ हरा देने से होता है ।

    दाँत खट्टे करना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentences

    • भारत ने अनेक बार पाकिस्तान के दांत खेटे किए है ।
    • इस वकिल ने तो अच्छे अच्छे वकिलो के दांत खटे किए है फिर तुम क्या चिज हो ।
    • रानी लक्ष्मी बाई ने अनेक बार अंग्रजो के दांत खटे किए है ।
    • अगर तुम इसी तरह से हर किसी से लडते रहोगे तो एक दिन तुम्हारे भी दांत कोई खटे कर देगा ।
    • उससे लडाई मत करना उसने तो हम जैसे पहलवानो के दांत खटे कर दिए है फिर तुम तो हो ही क्या ।
  • नौ दो ग्यारह होना

    नौ दो ग्यारह होना मुहावरे का अर्थ nau do gyaarah hona muhaavare ka arth – भाग जाना ।

    दोस्तो जब किसी व्यक्ति को खतरे का आभास होता है तो वह व्यक्ति अपने आप को बचाने के लिए इधर उधर भागने लग जाता है तब उसके लिए कहा जाता है की खतरे को आते देखकर वह व्यक्ति नौ दो ग्यारह हो गया। या फिर इस मुहावरे का अर्थ ऐसे भी निकाल सकते है की जब किसी को कोई काम होता है और वह अपने काम को छोडकर कही और भाग जाता है तो वह नौ दो ग्यारह हो जाता है । इस मुहावरे का सरल अर्थ तो यही है की भाग जाना ।

    नौ दो ग्यारह होना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग

    • पुलिस के पहूंचने से पहले ही बेंक चौर नौ दो ग्यारह हो गए ।
    • जब भी घर के सामने से मेरे अध्याप जाते तब मै नौ दो ग्यारह हो जाया करता था ।
    • जब स्कुल की घंट्टी बजी तब सभी बच्चे नौ दो ग्यारह हो गए।
    • पुलिस को आते देखकर आतंकवादी नौ दो ग्यारह होना चहाते थे पर पकडे गए ।
    • अगर तुम इस वक्त यहा से नौ दो ग्यारह नही हुए तो मै तुम्हे भी हानी पहूंचा दुगा ।
  • बालू की भीत

    बालू की भीत मुहावरे का अर्थ balu ki bheet muhavare ka arth – शीघ्र नष्ट होने वाली चीज ।

    दोस्तो जिस तरह से जब कोई बालू की दिवार बनाता है तो वह कुछ ही समय बात गिर जाती है जिससे समझ मे आता है की बालू की दिवार मजबूत नही होती है वह जल्दी ही नष्ट हो जाती है । उसी तरह से जब कोई ऐसी चीज होती जो जल्दी ही खत्म या नष्ट हो जाती है तो उसे बालू की भीत कहा जाता है क्योकी वह भी उसके समान जल्दी नष्ट होती है ।

    बालू की भीत मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • तुम्हारे पास पैसे रहना तो बालू की भीत है ।
    • तुम्हारा साथ तो बालू की भीत है न जाने कब साथ छोड दो ।
    • रामलाल ने अभी अभी तो खेत लिया था और अभी अभी वह बिक गया इसे कहते है बालू की भीत ।
    • आप उस पर विश्वास करकर अपना जीवन चला रहे हो पर उसका साथ तो बालू की भीत है ।
    • शराबी के पास कितना भी धन क्यो न हो वह नष्ट हो ही जाता है इसे तो बालू की भीत ही तो कहेगे ।
  • मिट्टी में मिलाना

    मिट्टी में मिलाना मुहावरे का अर्थ mitti mein milana muhavare ka arth – बर्बाद होना ।

    दोस्तो आज के समय मे लोगो के पास खोने के लिए अपने धन के अलावा कुछ नही होता है । इस कारण से जब ऐसे अमीर लोगो के पास धन होता है पर किसी कारण से वह धन इस तरह से खत्म होता है की उसके पास एक रूपया भी नही रहे । इस तरह से जब उसके पास कुछ भी नही होता है तब वह बर्बाद हो जाता है । और बर्बाद होने को ही मिट्टी मे मिलना कहा जाता है ।

    मिट्टी मे मिलना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • मैंने तुम पर भरोसा कर कर अपने सारे पैसे जुवे मे लगा दिए पर तुम्हारे हारने के कारण मैं तो पूरी तरह से मिट्टी मे मिल गया ।
    • नया काम शुरू करने के लिए मैंने अनेक लोगो से पैसे उधार ले लिए पर जब मेरे कार्यकाल मे आग लग गई तो मैं मिट्टी मे मिल गया
    • सेठ ने रामलाल का गरवी रखा मकान अच्छे पैसे में बेच दिया जिसके कारण रामलाल बिचारा मिट्टी मे मिल गया ।
    • चोर ने धनपत के सारे रूपय चुरा लिए जिसके कारण उसके पैसे मिट्टी मे मिल गए ।
    • श्याम और राम के बिच फुट डाल रहे किसन को मैंने रगे हाथो पकड लिया जिसके कारण किसन की सारी योजना मिट्टी मे मिल गई।
  • मुँह लगाना

    मुँह लगाना मुहावरे का अर्थ muh lagana muhavare ka arth – बहुत अधिक स्वतंत्रता देना ।

    दोस्तो आप लोगो को पता है जब हम किसी ऐसे व्यक्ति को इतनी अधिक स्वतंत्रता दे देते है की वह हमे कुछ भी बोल सके तो वह व्यक्ति हमे कुछ बोल सकता है या फिर वह अपने आप को हमसे भी बडा समझने लग जाए चाहे फिर वह हमारा नोकर भी क्यो न हो तो ऐसे लोग जब हमसे ऐसी वैसी बात कहने लग जाते है या हमसे अपने आप को बढकर मानने लग जाते है तो इसे मुंह लगाना कहा जाता है । यानि उसे यह सब कहने की स्वतंत्रता देना ।

    मुंह लगाना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • नोकरानी को इतना अधिक मुंह लगाना भी ठिक नही है वरना वह अपने आप को इस घर की मालकीन समझने लग जाएगी ।
    • यह तुम्हारे मुंह लगाने का ही फल है की आज उसने इतनी बडी बात तुमसे कह दी वरना उसकी क्या ओकात की वह हमारे बारे मे ऐसा कह सके
    • महेश को इतना अधिक मुंह लगा लिया की अब वह अपने पिता की भी बात नही सुनता है ।
    • पत्नी को इतनी अधिक मुंह लगा लेने के कारण अब वह मेरी भी बात नही मान रही है ।
    • आज तो तुम ऐसे लोगो को मुंह लगा रहे हो पर जब ये लोग तुम्हारे साथ भी कुछ गलत करेगे तब तुम्हे पता चलेगा ।
  • लकीर का फकीर होना

    लकीर का फकीर होना मुहावरे का अर्थ lakeer ka fakeer hona muhavare ka arth – पुरानी बातो पर चलने वाला या पुरानी निती वाला ।

    दोस्तो कुछ लोग ऐसे होते है जो किसी की भी नही सुनते और जैसे पहले से लेकर चला आ रहा है वैसे नही चलाने की कोशिश करते है । चाहे जो भी कार्य हो वह वैसे ही करना चहाता है जैसे पहले किया जाता था । इस तरह के लोगो के लिए ही इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है और कहा जाता है की यह तो लकीर का फकीर है । जिसका सही अर्थ है की यह तो पुरानी बाते करता है और उसी पर चलता है ।

    लकीर का फकीर होना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • महेश तो पुरा लकीर का फकीर है भला इस तरह से कोई विवाह करता है ।
    • लकीर के फकीर हो तभी तो विधवा औरत से शादी कर रहे हो ।
    • तुम तो इतने पढे लिखे हो फिर भी इस तरह से कार्य करते हो लगता है की तुम लकीर के फकीर हो ।
    • हर बात पर लकीर का फकीर होना जरुरी नही है कभी दिमाग का उपयोग भी कर लिया करो ।
  • लोहा लेना

    लोहा लेना मुहावरे का अर्थ loha lena muhavare ka arth – सहासपूर्वक मुकाबला करना ।

    दोस्तो अगर कोई अपने शत्रु से अकेला ही हिम्मत के साथ उसका सामना करने की हिम्मत रखता है तो उसे लोहा लेना कहा जाता है । यानि जिस तरह से लोहा अपने शत्रु आग से डटकर उससे लडता रहता है उसी तरह से अगर बिना डरे डटकर किसी का सामना करता है चाहे उसके साथ कोई हो या नही । साथ ही कोई भी प्रस्थिति आ जाए पर उसे डटना है इसी को लोहा लेना कहा जाता है ।

    लोहा लेना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • भारत के जवान लोहा लेने के लिए तैयार खडे है तभी हम सही सलामत रहते है ।
    • भीमराव अम्बेडकर जी ने अग्रेजो से लोहा लिया था तभी भारत आजा हो सका ।
    • शिवाजी ने मुगलो से लोहा लिया और उन्हे धुल चटा दी ।
    • जब तक हम अपने शत्रु से डटकर लोहा नही लेते तब तक उन्हे हरा नही सकते ।
    • महाराणा प्रताब अपने शत्रु से लोहा लेते और उन्हे धुल चटा देते
  • हाथ खाली होना

    हाथ खाली होना मुहावरे का अर्थ hath khali hona muhavare ka arth – निर्धन होना ।

    दोस्तो आज के समय मे जिसके पास पैसे है वही इस दुनिया मे अपना जीवन खुशी के साथ बिता पाता है । पर जिन लोगो के पास पैसे नही होते है उन्हे अपना पेट भरने के लिए भी बहुत ठोकरे खानी पडती है । इस तरह से जिन लोगो का समय पर पेट नही भर पाता है । उन लोगो को गरीब या निर्धन कहा जाता है । इस तरह से जो भी व्यक्ति निर्धन या गरीब होता है उन लोगो के लिए कहा जाता है की इसके तो हाथ खाली है । यानि इसके पास कुछ नही है यह गरीब है ।

    हाथ खाली होना मुहावरे का वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • प्रताब के पास इतना अधिक धन था की उसकी सात पुस्ते बैंठ कर खा सकती थी पर उनको जुआ की लत ऐसी लगी की उनका हाथ खाली हो गया ।
    • इतिहास गवाह है की जिसने जुआ और दारू का सेवन किया है उनके हाथ खाली हो जाते है ।
    • खडकसिंह ने लोगो को इतना दान दे दिया की उसके हाथ खाली हो गए ।
    • सरला का पति जब से दारू पीने लगा है तब से उनका हाथ खाली हो गया ।
    • बुरे लोगो से दोस्ती करने के कारण से नटवरप्रसाद के हाथ खाली हो गए ।
  • हाथ पाँव मारना

    हाथ पाँव मारना मुहावरे का अर्थ hath paon marna muhavare ka arth – कोशिश करना या प्रयत्न करना ।

    दोस्तो जब कोई किसी कारण से किसी काम को पाने के लिए अपने दिलो दिमाग से पूरी कोशिश करता है तो इसे हाथ पाँव मारना कहते है । क्योकी जब कोई अपने हाथ पाँव मारता है तभी उसे कुछ प्राप्त होता है । इस कारण से जब किसी काम मे वह अपने हाथ पाँव मारता है तो वह उसे अवश्य मिल जाता है । पर जब वही काम कठिन हो तो उसे अपना पूरा बल उसी को पाने मे लगाना पडाता है। इस तरह से अपने तन मन से किसी चिज को पाने का प्रयास ही हाथ पाँव मारना कहते है ।

    हाथ पाँव मारना मुहावरे का अर्थ और वाक्य मे प्रयोग Use in sentence

    • इस बार चुनाव मे जितने के लिए अनेक लोगो ने अपने हाथ पाँव मारा पर राम ही विजय हो पाया ।
    • मैने तो इस काम मे बहुत हाथ पाँव मार लिया पर फिर भी यह नही हो रहा है ।
    • तक तुम अपने मन से हाथ पाँव नही मारोगे तब तक तुम्हे नोकरी नही मिलेगी ।
    • बेचारा नदी मे डुबने लगा तो उसने बहुत हाथ पाँव मारे पर वह बच नही सका ।
    • हरलाल जी अपने बेटे से कह दो जरा अच्छी तरह से हाथ पाँव मारे वरना मेरा काम नही होगा ।

‌‌‌‌‌‌मेरे बारे में-

प्रत्येक मुहावरा लिखने वाले का नाम
मोहम्मद जावेद खान ।
कौन है मोहम्मद जावेद खान
हिंदी व्याख्याता या अध्यापक ।

‌‌‌ अल्लाह के दरबार में आप सभी का स्वागत है ।

मेरा नाम ‌‌‌‌‌‌ मोहम्मद जावेद खान है और मैं एक हिंदी का अध्यापक हूं जो गवर्नमेंट स्कूल मे पढाने का काम करता हूं । मुझे ब्लॉगिंग करना बहुत ही अच्छा लगता है। वैसे तो मुझे ब्लॉगिंग के बारे मे कोई ज्यादा एक्सपिरियंस नहीं रहा है। लेकिन पिछले तीन सालों से ब्लॉग बनाया हुआ था । ‌‌‌ तब मैंने सोचा क्यों न विधार्थी के लिए मैं एक मुहावरो की बुक लिख दू ताकी विधार्थी को मुहावरे कही और न जाकर देखना पडे और एक ही वेबसाईट पर उसे पूरी जानकारी मिल जाए । बस इसी सोच के साथ ब्लॉग बनाया था। लिखने का शौक हमेशा से ही रहा था।

‌‌‌वैसे ब्लॉग के अंदर लिखने का मुझे काफी मजा आता है। और सुबह सुबह ही उठते ही ब्लॉग पर लिखने लग जाता हूं । ‌‌‌और जब विधालय जाने का समय होता है तो विधालय चला जाता हूं । और वापस आकर फिर से देर रात तक लिखने लग जाता हूं । मेरा लिखने मे यारो नशा है । यदि किसी को लिखने का नशा लग जाए तो फिर उसके लिए उतरना मुश्किल हो जाता है।

‌‌‌इस बात की मुझे कोई परवाह नहीं है कि मुझे पैसा मिलता है या नहीं मिलता है ? लेकिन लिखने का अपना मजा है। ‌‌‌इस तरह से देर रात तक लिखने पर घर के लोग कहते है की आपके पास नोकरी होने के बाद भी आप क्यो देर रात तक लिखते रहते हो तब मैं कहता हूं की विधार्थी को सही जानकारी देने के लिए ही मैं यह काम कर रहा हूं वरना स्कुल से मुझे बहुत पैसे मिल जाते है । ‌‌‌जिसके कारण से मेरा घर आराम से चल जाता है ।

लिखने मे जो नशा है
वो किसी ओर मे नहीं है।
लोग कहते हैं शराब और शबाब का नशा
तो छूटाए नहीं छूटता है लेकिन
मैं कहता हूं कि लिखने का
नशा तो इससे भी बूरा है
इसको कोई छूटाने की कोशिश भी नहीं करता है।
और हम भी इसको छोड़ने का प्रयास नहीं करते ।।

‌‌‌चेतावनी

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